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Mukesh Agnihotri: चंडीगढ़ पर हिमाचल की 7.19 फीसदी हिस्सेदारी, इसे लेकर ही रहेंगे

Sat, 01 Jul 2023 10:47 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी/ब्यूरो, ऊना/चंडीगढ़

सार

अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल का जो अधिकार है, वह लेकर रहेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इसके लिए वरिष्ठ मंत्री चंद्र कुमार के नेतृत्व में कैबिनेट की कमेटी बनी है।
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार से मांग उठाई है कि हिमाचल की उदारता से मदद करे। उन्होंने कहा कि हिमाचल के पड़ोसी राज्यों के साथ मसले हैं। उनको प्रदेश की सरकार उठा रही है। यह मसले वर्षों से हल नहीं हो पाए हैं। चंडीगढ़ पर 7.19 फीसदी हिमाचल की हिस्सेदारी है। इसलिए यह हिस्सा हिमाचल को मिलना चाहिए। पंजाब अपना अधिकार बताए, हमें आपत्ति नहीं। लेकिन जब चंडीगढ़ बना तभी से इस बात को कहा गया कि इसमें हिमाचल प्रदेश का भी हिस्सा है।   ऊना में जारी बयान में अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल का जो अधिकार है, वह लेकर रहेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इसके लिए वरिष्ठ मंत्री चंद्र कुमार के नेतृत्व में कैबिनेट की कमेटी बनी है। वह पूरे मसले पर अपनी रिपोर्ट देगी।

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उसके बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे। वहीं, पंजाब आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने एक बयान जारी कर कहा कि पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ पर हिमाचल की कांग्रेस सरकार का दावा बेतुका और साजिश भरा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार इस दावे को सिरे से खारिज करती है। पंजाब के अधिकारों पर हमला करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंग ने हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी और पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा से सवाल किया कि क्या वह भी हिमाचल कांग्रेस सरकार द्वारा किए जा रहे इन अपराधों में शामिल हैं? क्या प्रताप बाजवा इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेंगे? 

अग्निहोत्री ने कहा कि हम अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए वाटर सेस लगाया है। कहा कि केंद्र ने बीबीएमबी में पानी उठाने को लेकर एनओसी की शर्त हिमाचल के लिए खत्म की है। यह अच्छा व सराहनीय निर्णय है। हम अपना पानी प्रयोग कर सकते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने भाजपा और कांग्रेस पर सियासी हमला बोलते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि इन दोनों पार्टियों ने हमेशा पंजाब के हकों पर डाका डालने की कोशिश की है लेकिन मान सरकार किसी को भी पंजाब पर बुरी नजर डालने की इजाजत नहीं देगी।

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राजा-महाराजाओं के वक्त के समझौते अब जारी नहीं रह सकते  हिमाचल को मिले संयुक्त पंजाब की संपत्तियां : चंद्र कुम

वहीं, कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि शानन प्रोजेक्ट का समझौता मंडी के राजा के साथ हुआ था। इसे मंडी के राजा ने अंग्रेजों के साथ किया था। पाकिस्तान तक बिजली जाती थी। अब हिमाचल के साथ समझौता करना होगा। राजा-महाराजाओं के वक्त के समझौते भी अब जारी नहीं रह सकते हैं। अब रजवाडे़ नहीं हैं। अब इस तरह की सारी संपत्तियां हिमाचल को स्थानांतरित होने चाहिए। पंजाब की संपत्तियां संयुक्त पंजाब की थीं। केवल इनकी नहीं हैं। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत अंतरराज्यीय समझौतों को खंगालने के लिए सरकार ने कैबिनेट सब कमेटी गठित की है। इसके अध्यक्ष मंत्री चंद्र कुमार बनाए गए हैं। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने शनिवार को कहा कि यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है और न ही यह कोई नया मामला है। वर्ष 1966 में जब राज्यों का पुनर्गठन हुआ तो उस वक्त एक कमेटी बनी थी तो उसने कुछ समझौते किए थे।

 उन समझौतों में कहा गया था कि जो क्षेत्र पंजाब के हिमाचल प्रदेश में मिले, उसमें जनसंख्या और क्षेत्र के हिसा से 7.19 प्रतिशत राॅयल्टी देने की बात की गई। बिजली को कोई भी प्रोजेक्ट 1966 से पहले का हो या इसके बाद बनेगा। उसका इस राज्य को 7.19 प्रतिशत लाभ मिलेगा। इसके अलावा और भी बहुत सी बातें कही गईं।  पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। राज्य सरकार ने सोचा कि अब कोई ऐसा मसला नहीं उठाना चाहते कि इससे वहां कोई दिक्कत हो। वीरभद्र सरकार में सारे दस्तावेज लेकर सुप्रीम कोर्ट गए। वहां से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों को नोटिस दिए गए। बीबीएमबी को भी नोटिस दिए गए। हरियाणा और राजस्थान हिमाचल के शेयर पर राजी 
भी हुए। उन्होंने बिजली की कटौती पर सहमति जताई। भाखड़ा बांध पहले का बना हुआ था। उसके बाद पौंग बांध बना। इसका लाभ भी बाहरी राज्य ले रहे हैं। यह नया दावा नहीं है। इसे 1966 के समझौते के तहत किया जा रहा है। यह कोई राजनीतिक  लड़ाई नहीं है। शानन प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के लिए ट्रांसफर होना चाहिए। सारे प्रोजेक्ट अपनी लागत को पूरा कर चुके हैं। भाखड़ा, पौंग और डैहर परियोजनाएं इसे पूरा कर चुकी हैं। 
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