दुनिया की मुश्किल साइकिल रेस में शामिल हीरो एमटीबी हिमालय साइकिल रेस 2015 में 88 साइकिलिस्ट भाग लेंगे। 27 सितंबर को शिमला के रिज मैदान से रेस शुरू होगी। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को हरी झंडी दिखाकर रेस को रवाना करेंगे। रेस में 44 विदेशी साइकिलिस्ट भी हिस्सा लेंगे। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं।
हिमाचल के पांच युवा भी इस बार रेस में शिरकत करेंगे। भारतीय सेना के जवान भी रेस में अपना दमखम दिखाएंगे। चार अक्तूबर को साइकिलिस्ट वापस शिमला पहुंचेंगे। एमटीबी हिमालय साइकिल रेस 7 दिन में 600 किलोमीटर दूरी तय करेगी। खतरों और रोमांच से भरी इस रेस का इस बार यह 11वां संस्करण है।
द हिमालयन ऐडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रोमोशन एसोसिएशन (एचएएसटीपीए) की ओर से हर साल यह साइकिल रेस करवाई जाती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित सूद ने बताया है कि कई नामी साइकिलिस्ट रेस में भाग लेंगे। साल 2013 के विजेता लुईस लिओ पिंटो, 2012 के विजेता गोपाल नारायण सहित कैथरिन विलियम, पाओ जमोरा, एनटोनिओ आरटिज, एंड्रेस हार्टमैन, रिमंड डाइटजेन और बालवोनी वानी सहित कई नामी साइकिलिस्ट में भाग लेंगे।
नेपाल के पांच साइकिलिस्ट से रेस में भाग लेने का शुल्क इस बार नहीं लेने का फैसला लिया है। भारतीय सेना से 15 साइकिलिस्ट भाग लेंगे। हिमाचल प्रदेश से देवेंद्र, शिवेन, कुरगिन, अंकुश और उरमान रेस में भाग लेंगे।
इन देशों के साइकिलिस्ट लेंगे भाग- भारत के अलावा ब्रिटेन, बेल्जियम, जर्मनी, साउथ अफ्रीका, इटली, आस्ट्रिया, पुर्तगाल, नेपाल, यूएई, फ्रांस और स्पेन के साइकिलिस्ट भी रेस में भाग लेंगे।
यह रहेगा रूट- साइकिल रेस शिमला के रिज मैदान से शुरू होगी। आठ दिन तक रैली चलेगी। पहले दिन शिमला से गाड़ाकूफर तक 90 किलोमीटर का सफर होगा। दूसरे दिन 114 किलोमीटर की रेस खेखसू में खत्म होगी। तीसरे दिन खेखसू से कुल्लू सराहन तक रेस होगी। चौथा दिन विश्राम के लिए रहेगा।
पांचवें दिन कुल्लू सराहन से शावड, छठे दिन शावड से जलोड़ी पास होते खेखसू, सातवें दिन खेखसू से गाड़ाकूफर और आठवें दिन गाड़ाकूफर से रेस शुरू होकर नालदेहरा में समाप्त होगी। शिमला में विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। सात दिनों तक 600 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।