शराब के मनमाने दाम वसूलने के लिए प्रदेश सरकार की शराब नीति को लेकर हो रहा विरोध राजभवन पहुंच गया है। उपभोक्ता संगठन हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत को पत्र लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है।
परिषद का आरोप है कि सरकार ने अपना खजाना भरने के चक्कर में शराब विक्रेताओं को मनमाने दाम पर शराब बेचने की छूट दे दी है। यह भी आरोप लगाया है कि इसके लिए सरकार ने नीति बदलकर अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) की बजाय न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था लागू कर दी है।
इसकी वजह से दुकानदार शराब खरीदने वालों से प्रिंट रेट से दोगुने दाम तक वसूल रहे हैं। परिषद के अध्यक्ष शिवदत्त भारद्वाज ने कहा कि विभागीय मंत्री ने हाल ही में बयान देकर शराब नीति में संशोधन की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
न ही उपभोक्ताओं से विक्रेताओं की ओर से जा रही लूट बंद हुई है। भारद्वाज ने दावा किया कि शराब बिक्री के दौरान विक्रेता इस नई शराब नीति की बदौलत सरकार को करोड़ों के कर राजस्व का भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। मांग की है कि शराब की बोतल पर एमएसपी की जगह फिर से एमआरपी छापा जाए और शराब खरीदते समय विक्रेता बिल दे, यह भी सुनिश्चित किया जाए।