मशीन के सॉफ्टवेयर में दिक्कत के चलते रेडियोलॉजी विभाग से बिना टेस्ट करवाए लौटा दिए मरीज
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मरीजों को मिली थी महीनों बाद की डेट संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में वीरवार सुबह मरीजों के एमआरआई टेस्ट नहीं हुए। मशीन के सॉफ्टवेयर में दिक्कत के चलते इसे बंद करना पड़ा। इस कारण सुबह के समय जो मरीज टेस्ट करवाने के लिए आए थे उन्हें बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ा।
आईजीएमसी में रोजाना हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। ओपीडी में जांच के बाद चिकित्सक मरीजों को ब्रेन, हड्डियों और मांसपेशियों, छाती, कैंसर और स्पाइन के एमआरआई टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। रूटीन के मरीजों को कई महीनों बाद की लंबी डेट मिलती है। ऐसे में तय समय पर जब मरीज सुबह के वक्त एमआरआई करवाने के लिए रेडियोलॉजी विभाग पहुंचे तो दो से तीन मरीजों के ही टेस्ट हो पाए। इसके बाद बाकी के मरीजों को मशीन में सॉफ्टवेयर में दिक्कत आने के बाद बिना टेस्ट किए वापस भेज दिया। विभाग में औसतन 15 से 20 मरीजों के एमआरआई टेस्ट होते हैं लेकिन अब इन मरीजों को मशीन के ठीक होने के बाद ही टेस्ट करवाने के लिए आना होगा।
ऑपरेशन शुरू होने से मरीजों को मिला लाभ
अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने के बाद रूटीन के ऑपरेशन होना शुरू हो गए हैं। चिकित्सकों का दावा है कि जिन मरीजों के रूटीन के ऑपरेशन रुके हैं, उन मरीजों के ऑपरेशन जल्द करवा दिए जाएंगे।
जल्द दुरुस्त होगी मशीन
एमआरआई मशीन के न चलने की सूचना मिली है। विभाग को निर्देश दिए हैं कि जल्द मशीन को ठीक करवाया जाए ताकि मरीज परेशान न हो।
-डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी।