हिमाचल में कांग्रेस सरकार के जिन छह मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) को हटाया गया है, उनको अपने पदों से इस्तीफा देकर दोबारा विधायक का चुनाव लड़ना चाहिए। सीपीएस पर जो पैसा खर्च हुआ है, वह भी प्रदेश सरकार के खजाने में जमा होना चाहिए। हमीरपुर में अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के जिला स्तरीय कार्यक्रम में पत्रकारों के सवाल के जवाब में पूर्व सांसद अनुराग ठाकुर ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि कानून के खिलाफ जाकर विधायकों को मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया था। कांग्रेस को यह बात मालूम थी। प्रदेश कर्जे में डूबा हुआ है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने सीपीएस को सुविधाएं देकर और कर्जा बढ़ाने का काम किया है। यह जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देशभर में हिमाचल कांग्रेस की झूठी गारंटियों का पर्दाफाश हुआ है। कांग्रेस की हालत यह हो चुकी है कि अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही राहुल गांधी की नीतियों पर सवाल उठाने लगे हैं। 96 हजार करोड़ रुपये का कर्ज हिमाचल पर है। कहा कि देश में आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार के भी रिकॉर्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। भ्रष्टाचार की शुरुआत केजरीवाल से हुई थी और जो आगे धीरे-धीरे उनके विधायकों और मंत्रियों तक पहुंच चुकी है।