मैक्लोडगंज के मुख्य बौद्ध मठ (दलाईलामा टेंपल) में सोमवार को निर्वासित तिब्बत सरकार ने अपना 59वां डेमोक्रेसी डे मनाया। कार्यक्रम कर अध्यक्षता शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने की। उन्होंने कहा कि तिब्बतियों का एक मजबूत लोकतंत्र है।
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। निर्वासित तिब्बतियों को भी इस ओर प्रेरित किया है। निर्वासित तिब्बती तिब्बत की आजादी के लिए अहिंसा के मार्ग पर चलकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाए हुए हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी सहयोग उन्हें मिला है।
उन्होंने आशा व्यक्त की एक दिन तिब्बतियों का यह आंदोलन सार्थक होगा और उन्हें निर्वासन के जीवन के मुक्ति मिलेगी। विभिन्न तिब्बती संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
उन्होंने सिक्योंग स्कॉलरशिप अवार्ड से छात्रों को नवाजा तथा डिप्टी सिक्योंग के सीटीए में 25 वर्ष से कार्यरत कर्मचारियों को भी सम्मानित किया। इससे पूर्व संसद के अध्यक्ष पेमा जुगंने ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में तिब्बत निर्वासित सरकार के वित्त मंत्री कर्मा येशी, सुरक्षा मंत्री फाग्पा छेरंग, न्यायाधीश करग्यु देडुंप, धर्म एवं संस्कृति मंत्री कर्मा ग्येलेक उपस्थित रहे।