शिमला। विश्व रक्तदान दिवस पर विख्यात पर्वतारोही और एवरेस्ट समूह की दुर्गम पुमोरी चोटी फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बलजीत कौर ने खूनदान कर उमंग फाउंडेशन के रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। नेपाल-तिब्बत सीमा पर दुर्गम चोटी पुमोरी फतह कर सोलन जिले में अपने घर लौटी बलजीत ने कहा कि नियमित तौर पर रक्तदान करती हैं। युवा रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। इससे वह मरीजों का जीवन बचाएंगे और खुद भी स्वस्थ रहेंगे।
उमंग फाउंडेशन ने सोमवार को अर्की तहसील के गांव पथेड़ में सूरज पंचायत के साथ मिलकर यह शिविर लगाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्की के एसडीएम विकास शुक्ला ने की। वहीं बलजीत कौर और एसडीएम ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।
फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि उमंग की ओर से बलजीत कौर को समानित भी किया गया। जबकि ट्रस्टी एवं शिविर के संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि आईजीएमसी ब्लड बैंक की टीम ने शिविर में सहयोग किया। इस दौरान करीब 45 लोगों ने महादान किया। सूरजपुर पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश शर्मा ने 37वीं बार रक्तदान किया। वह और सायरी पंचायत की प्रधान अंजू राठौड़ विशिष्ट अतिथि थे।
इस अवसर पर उमंग फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी विनोद योगाचार्य, सवीना जहां, नीलम कंवर, डॉ. पूनम नेगी और गोपाल दास तथा सूरजपुर पंचायत की ओर से प्रधान ओम प्रकाश शर्मा, उप प्रधान कामेश्वर, नरेश, कर्म सिंह कंवर, कानू राम, विमला देवी और कान्ता ठाकुर ने शिविर में भागीदारी दी।
डीडीयू में समाजसेवी को किया सम्मानित
डीडीयू अस्पताल ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. गंगा शर्मा ने रक्तदान के लिए योगदान देने वाले समाजसेवी रमेश वालिया को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डीडीयू के एमएस डॉ. रविंद्र मोकटा भी मौजूद रहे।