यह परियोजना हिंदू-सिख भाईचारे का प्रतीक है। हर साल 25 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन करने आते हैं, जिनमें से 80 फीसदी पंजाब के होते हैं। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में स्थापित होने वाला यह रोपवे लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा देगा।
सीएम अमरिंदर ने एक ऐतिहासिक कदम के रूप में इस समझौते का स्वागत किया। पंजाब पर्यटन विभाग ने रोपवे स्थापित करने के उद्देश्य से पंजाब क्षेत्र में लोअर टर्मिनल प्वाइंट और रास्ते के लिए 108 कनाल 13 मरला भूमि अधिगृहीत की है। इस प्रोजेक्ट पर 250 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है, जो 3.5 किलोमीटर की दूरी कवर करेगा।