अस्पताल में सेवाएं देतीं डाॅ. कल्पना ठाकुर
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कोरोना महामारी के दौरान जिले में बहुत से लोग ऐसे हैं, जो अपने घर-परिवार से दूर रहकर ड्यूटी दे रहे हैं। हिमाचल के बिलासपुर जिले के घुमारवीं अस्पताल में ड्यूटी दे रही कल्पना ठाकुर ने ऐसा उदाहरण पेश किया है। कल्पना घुमारवीं अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं।
कल्पना के पति मनोज ठाकुर भी जिला अस्पताल में बतौर लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। वह भी इन दिनों स्वारघाट बार्डर पर ड्यूटी दे रहे हैं। कल्पना के दो बच्चे हैं। बेटी 6 साल की और बेटा 10 माह का है। कल्पना लगभग 45 दिनों से अपनी ड्यूटी दे रही हैं।
उसके 10 महीने के बेटे को नानी संभालती है। कल्पना कहती है कि कुछ दिन पहले ही उसकी बेटी गिर गई थी। बेटी की बाजू में प्लास्टर चढ़ा है। लेकिन ड्यूटी के चलते वह और उनके पति अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं।
कहा कि इस महामारी के दौरान दोनों पति-पत्नी ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। कल्पना कहती है कि वह समय सबसे नाजुक होता है, जब किसी मां का बच्चा दर्द में हो। लेकिन इससे भी नाजुक यह दौर है।
कहा कि अपने स्टाफ और अधिकारियों के सहयोग से इस कठिन समय में वह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रही हैं। कहती हैं कि जैसे ही हम इस परिस्थिति से निकलेंगे वो अपने बच्चों और परिवार को भी समय देंगी।