विकट दौर में कोविड सैंपलिंग के साथ मां का फर्ज भी हिमाचल के मंडी जिले के जोगिंद्रगनर अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स नीलम सैणी बखूबी निभा रही हैं। उनकी 11 माह की दो जुड़वां बेटियां अरात्रिका और अर्धिका हैं। नाइट शिफ्ट की 13 घंटे की ड्यूटी हो या फिर दिन के समय अस्पताल में तैनाती, जब भी समय मिलता है तो वह जुड़वा बेटियां की फीडिंग के लिए घर पहुंच जाती हैं। कोविड के इस दौर में यदि रोगियों की संख्या अधिक हो तो वह घर नहीं जा पातीं।
ऐसी स्थिति में सास रक्षा वर्मा, ससुर विनोद कुमार और पति अनीश बच्चियों की देखभाल करते हैं। वह बताती हैं कि एक नर्स होने के साथ मां, बहू और पत्नी भी हैं। यदि सुबह आठ बजे की शिफ्ट होती है तो सुबह पांच बजे उठकर खाना बनाकर, बच्चों और घर का काम करके वह अस्पताल के लिए निकलती हैं। अगर शाम सात बजे से सुबह आठ बजे की ड्यूटी तो भी वह काम करके निकलती हैं।