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सरकारी आवास के लिए घमासान, पांच कोठियों के इतने दावेदार

Tue, 20 Nov 2018 11:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में सरकारी आवास पर घमासान मच गया है। आलम यह है कि सरकार के पास सरकारी कोठियां महज पांच ही बची हैं, जबकि इनके चाहवान एक दर्जन से ज्यादा हो गए हैं।

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न तो चीफ व्हिप नरेंद्र बरागटा को कोठी मिली है और न ही योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश ध्वाला को ही मिल पाई है। बेशक इन दोनों वरिष्ठ विधायकों को मंत्री के बराबर के दर्जे दिए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को भी कोठी से महरूम रखा गया है। 

कोठियों के लिए पात्र तीन बडे़ नेताओं अग्निहोत्री, बरागटा और ध्वाला की बात करें तो सबसे पहले मुकेश अग्निहोत्री को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा मिला, पर उन्हें कोठी नहीं दी गई। इनके बाद हाल ही में नरेंद्र बरागटा को सरकारी चीफ  व्हिप बनाया गया।

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पांच कोठियां बची, लेकिन मंत्रियों को पसंद नहीं

उनके बाद रमेश ध्वाला को भी योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया है, मगर उन्हें भी सरकारी कोठी नहीं दी गई है। इनके अलावा सरकारी ओहदों पर ताजपोशियां पाने वाले कई अन्य नेता भी कोठियों के लिए कतारबद्ध है, मगर इन्हें आवास देने पर फैसला नहीं हो पाया है। 

सूत्रों की मानें तो जीएडी के पास पांच कोठियां बची जरूर हैं, मगर ये इस लायक नहीं हैं कि ये मंत्री का दर्जा पाने वाले वरिष्ठ विधायकों को पसंद आ सकें। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी अनुकूल आवास न मिलने पर अब इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

कई निगमों-बोर्डों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तक कोठियां लेने में रुचि ले रहे हैं, मगर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी की मानें तो यह सब सरकार के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। 
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