कोकसर में 45, सिस्सू में 30, दारचा-जलोड़ी दर्रा में 30 और सोलंगनाला में 20 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। कुल्लू, मनाली, बंजार सहित समूची घाटी में बारिश का दौर जारी रहा।
जिले में एक दर्जन से अधिक रूट हैं। लाहौल में बसों समेत छोटे वाहनों की आवाजाही ठप है। कबायली क्षेत्र पांगी का अन्य क्षेत्रों से संपर्क कट गया है। चंबा-तीसा वाया साच पास और पांगी-जम्मू वाया चंबा मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हो गया।
जिला कांगड़ा में धौलाधार में भी ताजा बर्फबारी हुई। पर्यटन स्थल त्रियुंड में भी बर्फबारी हुई है। शिमला में सुबह के समय बारिश जारी रही। दोपहर बाद मौसम साफ हो गया।
बुधवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 3.5, कल्पा माइनस 1.0, कुफरी माइनस 0.1, डलहौजी 0.8, मनाली 1.0, शिमला 4.2, धर्मशाला 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री की कमी दर्ज हुई।
बिलासपुर में अधिकतम तापमान 22.0, हमीरपुर 21.8, सुंदरनगर 20.5, नाहन 19.0, मंडी 18.8, ऊना 18.6, सोलन 17.0, कांगड़ा 16.8, भुंतर 15.4, चंबा 14.9, शिमला 13.7, धर्मशाला 10.6, डलहौजी 5.3, कुफरी 5.2, कल्पा 3.1 और केलांग में 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
नवंबर में हो रही बर्फबारी सेब चिलिंग ऑवर्स के लिए लाभदायक मानी जा रही है। चिलिंग ऑवर्स पूरे होने से सेब की गुणवत्ता व उम्दा फसल होने के आसार हैं।
सिरमौर जिले में चूड़धार यात्रा पर छह माह के लिए लगाई रोक के बावजूद श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। बुधवार शाम भी उत्तराखंड के जौनसार बाबर इलाके के आधा दर्जन श्रद्धालु चूड़धार जाते वक्त रास्ते में फंस गए। भारी बर्फबारी के बीच रास्ता न मिलने से चूड़ेश्वर सेवा समिति से संपर्क किया गया।
इसके बाद समिति पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को रेस्क्यू किया। वीरवार सुबह इन्हें वापस भेजा गया। 26 नवंबर को सिरमौर जिला प्रशासन ने चूड़धार में खराब मौसम के चलते यात्रा पर रोक लगाई है। अगले साल मई में यात्रा बहाल होगी।