उद्योग विभाग ने बेरोजगारों के लिए रोजगार के द्वार खोल दिए हैं। जिले के विभिन्न स्थानों पर 81 लघु उद्योग स्थापित करने की तैयारी है। करीब पांच करोड़ रुपये का निवेश उद्योगों में किया जाएगा। इन उद्योगों से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम)में लघु उद्योग स्थापित होंगे। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र को 187 आवेदन मिले हैं।
जिनमें से 89 केस बैंक को स्पांसर करने के लिए भेजे गए हैं। 23 केस बैंक से लोन के लिए स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 151 लोगों को रोजगार मिलेगा। जबकि, 19 उद्योगों को अनुदान राशि के रूप में करीब बीस लाख रुपये दिए गए हैं। सभी उद्योग मेन्यूफेक्चरिंग पर आधारित हैं। चालू वित्त वर्ष में शहरी क्षेत्र में 12 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 46 उद्योग लगाए जाएंगे।
शहर में लगने वाले 12 लघु उद्योगों के लिए 25 लाख अधिकतम सब्सिडी और ग्रामीण क्षेत्रों के 46 प्रोजेक्टों के लिए 90 लाख अधिकतम सब्सिडी दी जाएगी, अन्य मामलों को आगामी वित्त वर्ष में प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा।
15 से 35 फीसदी अनुदान मिलेगा
लघु उद्योग लगाने के लिए 15 से 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष वर्ग तथा महिला के लिए 35 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के लिए 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वहीं, शहरी क्षेत्रों सामान्य वर्ग 15 प्रतिशत तथा विशेष वर्ग और महिला वर्ग के लिए 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। विशेष वर्ग तथा महिलाओं को पांच प्रतिशत और अन्य को दस प्रतिशत कंट्रीब्यूशन करना अनिवार्य है।
आठ केस किए रद्द
जिला उद्योग केंद्र की ओर से बैंक को भेजे गए 89 केस में से आठ केस रद्द हो गए हैं। उक्त मामलों में आवेदनकर्ता बैंक की ओर से डिफाल्टर होने से केस रद्द किए गए हैं। उक्त मामलों में लोग अब लघु उद्योग नहीं लगा सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले उद्योगों को 90 लाख अनुदान
पीएमईजीपी में विभाग को 187 आवेदन मिले हैं। जिनमें से 23 केस बैंक से लोन के लिए स्वीकृत किए जा चुके हैं। 19 मामलों में अनुदान राशि भी जारी कर दी गई है। आठ आवेदन विभिन्न शर्तें पूरी न करने पर रद्द किए गए हैं।
- राजेश कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र मंडी।