ईडी के सब जोनल कार्यालय शिमला ने मामले की फाइल तैयार कर जोनल कार्यालय चंडीगढ़ भेज इसके लिए मंजूरी मांगी है।
राजधानी शिमला में पीलिया फैलने की वजह बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने की पूरी तैयारी कर ली है। ईडी के सब जोनल कार्यालय शिमला ने मामले की फाइल तैयार कर जोनल कार्यालय चंडीगढ़ भेज इसके लिए मंजूरी मांगी है।
इसमें पीलिया मामले में शिमला पुलिस की एफआईआर को आधार बनाकर मामला दर्ज करने की अनुमति मांगी है। शिमला पुलिस ने पीलिया फैलने के लिए जिम्मेवार रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मल्याणा को चला रहे ठेकेदार और आईपीएच विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस की इस एफआईआर में कई ऐसी बातें हैं, जिनको आधार बनाकर ही ईडी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करना चाह रही है। ईडी के सूत्रों ने बताया कि कुछ अधिकारियों पर भी संदेह है कि उनकी भी इसमें भूमिका रही है।
ऐसे में प्लांट के ठेकेदार के अलावा विभाग के कुछ अधिकारी भी ईडी के निशाने पर हैं। हालांकि, इस मामले में ठेकेदार पहले ही मीडिया में सफाई दे चुके हैं कि इस तरह की किसी अनियमितता को अंजाम ही नहीं दिया गया है। प्लांट में हर कार्य पारदर्शितापूर्ण रहा है।