अदालत ने हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आय से अधिक संपत्ति और मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। 23 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज संतोष स्नेही मान ने आनंद चौहान की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। ईडी ने चौहान पर लगे आरोपों को गंभीर बताते हुए जमानत याचिका खारिज करने की मांग की है।
वहीं, याचिका में कहा गया है कि आरोपी एक साल से ज्यादा समय से हिरासत में है। उससे पूछताछ पूरी हो चुकी है। अब उसे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने उसे अंतरिम जमानत दी, जिसके बाद उसने सरेंडर कर दिया। दूसरी तरफ, जांच एजेंसी ने कहा कि जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय ने चौहान को चंडीगढ़ से आठ जुलाई 2016 को गिरफ्तार किया था। वहीं, छह सितंबर 2016 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
एजेंसी का आरोप है कि चौहान ने वीरभद्र सिंह से करीब 5.14 करोड़ रुपये कैश लिया और अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा करवाया और उसके बाद वीरभद्र व उनके परिजनों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया बैंक खाते में मोटी रकम जमा होने के कारण वह आयकर विभाग की नजर में आ गया।