पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि पार्टी प्रदेश में लगने वाली नई बिजली परियोजनाओं का विरोध करेगी। चाहे परियोजना एनटीपीसी, एनएचपीसी या फिर एसजेवीएनएल की हो। भाजपा सरकार ने इन कंपनियों के साथ किए एमओयू में हिमाचल के हितों को बेचा है। पुरानी ऊर्जा नीति में बदलाव करने से भारी नुकसान हुआ है।
पुुरानी ऊर्जा नीति अनुसार 40 साल बाद बिजली प्रोजेक्ट सरकार के अधीन आने का प्रावधान था, लेकिन भाजपा सरकार ने अब कंपनियों को लूट की खुली छूट दे दी है। नई ऊर्जा नीति अनुसार अब सरकार को 40 साल बाद सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा ही पावर प्रोजेक्ट का मिलेगा। 12 साल तक 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली देने का प्रावधान भी खत्म कर दिया गया। अब सिर्फ चार फीसदी बिजली ही मुफ्त मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि नए बिजली प्रोजेक्ट लगने से प्रदेश को कोई वित्तीय लाभ नहीं होगा। पुरानी ऊर्जा नीति में बदलाव के लिए किसका दबाव था, ये सार्वजनिक होना भी जरूरी है।