खाने-पीने के शौकीनों के लिए फूड (ईटेबल्स) जोन विकसित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यंजन और हल्के स्नैक्स उपलब्ध करवाने की योजना है। परियोजना से जुड़े अजय हांडा ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य बिलासपुर को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यहां आने वाला हर व्यक्ति एक अच्छा अनुभव लेकर जाए। हमारा प्रयास है कि इस स्थान को ऐसा बनाया जाए जहां लोग परिवार के साथ आराम से समय बिता सकें और बच्चों को भी आनंद मिले। झूलों और उपकरणों की सप्लाई शुरू हो चुकी है और कई गाड़ियां सामग्री लेकर पहुंच चुकी हैं। दो-तीन दिनों में कार्य और तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे जल्द ही इस स्थान को लोगों के लिए खोलने की दिशा में काम किया जा सके।
परियोजना के अंतर्गत पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लोगों को असुविधा न हो। क्षेत्र को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। छोटे व्यवसायों, फूड स्टॉल संचालकों और अन्य सेवा क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होती है, तो आने वाले समय में धराड़ सानी क्षेत्र बिलासपुर का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण बनकर उभरेगा और गोबिंद सागर झील के किनारे घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए नया अनुभव प्रदान करेगा।
क्षेत्र प्राकृतिक संुदरता व झील के किनारे होने से करता है आकर्षित
धराड़ सानी का यह क्षेत्र पहले से ही अपनी प्राकृतिक सुंदरता और झील के किनारे स्थित होने के कारण लोगों को आकर्षित करता रहा है। अब गेमिंग जोन और अन्य सुविधाओं के जुड़ने से यह स्थान एक पूर्ण पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है। यहां की सुंदरता को देखते हुए पर्यटक यहां रुकने को मजबूर हो जाएंगे।