विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने नियम 130 के तहत सदन में गोशाला एवं गो सेंक्चुरी निर्माण के लिए नीति बनाने का मामला उठाया। उन्होंने गोशाला निर्माण में धांधली का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में उनके विस क्षेत्र कुटलैहड़ में पोल्ट्री फार्म के लिए 4-4 लाख आवंटित हुए, लेकिन कोई भी फार्म नहीं खुला। उन्होंने इसमें घोटाला होने का आरोप लगाया और जांच की मांग की। लावारिस पशुओं के लिए बने नीति : इंद्रदत्तविधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि लावारिस पुशओं की समस्या बढ़ती जा रही है। इस पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस नीति बनार्ई जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोशालाएं बनी हैं, लेकिन उनमें सुविधाएं नहीं हैं।
पशु बन रहे हादसे का कारण : संजय
विधायक संजय रत्न ने कहा कि जो लोग पशुओं को सड़कों पर छोड़ रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लावारिस पशु फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये पशु सड़क पर हादसों का भी कारण बन रहे हैं। ऐसे में समस्या से निपटने के लिए ठोस नीति बनाए जाने की आवश्यकता है।
गोशाला में धांधली, विजिलेंस जांच हो : होशियार
विधायक होशियार सिंह ने कहा कि ये सुना था कि पशुओं का चारा खा गए, लेकिन यहां तो पशु गोशाला ही खा गए। उन्होंने कहा कि लुथान में बनी गोशाला में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए विजिलेंस जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से उन्होंने सारे दस्तावेज जुटाए हैं।
गोशालाओं का रखरखाव ठीक नहीं : आशीष
विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि पूर्व सरकार में जो गोशालाएं बनी हैं, उनका रखरखाव सही नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि जहां गो सेंक्चुरी का निर्माण हुआ है, वहा पशुओं के लिए चारे वाले पेड़ लगाने की बात कही।
गो शालाओं के निर्माण पर भ्रष्टाचार : धर्माणी
विधायक राजेश धर्माणी ने कहा कि नारों और वोट बैंक की राजनीति के बजाय लोगों को गोवंश पालने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि गो हमारी माता कहने से नहीं, यह व्यवहार में नजर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के निर्माण में यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ है तो जांच होनी चाहिए। जो किसान-बागवान पशुओं को पाल रहे हैं, उनको हर माह पशुओं के पालन पोषण के लिए आर्थिक सहायता देनी चाहिए।
रेडियम कॉलर लगाने की आवश्यकता : जनक
विधायक डाॅ. जनक राज ने कहा कि पशुओं को छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जो पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, उनके गले में रेडियम कॉलर लगाया जाना चाहिए। जिनके कान में टैग हैं, उनकी पहचान कर वापस उनके घरों में छोड़ने की जरूरत है। विधायक डीएस ठाकुर, विनोद कुमार और चैतन्य शर्मा ने भी चर्चा में भाग लिया।