वाकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मंत्री की ओर से विधेयक को मूव करने के बाद स्पीकर ने जैसे ही स्टांप ड्यूटी वाले विधेयक को सदन में परिचय के लिए रखा तो ना करने वाले भाजपा के 19 विधायक थे और हां करने वाले कांग्रेस के 17 थे।
इस प्रकार यह विधेयक बगैर परिचय करके ही गिर गया। भाजपा ने इसमें हेड काउंट मांगा और डिविजन देने की मांग की गई। जब एक बार वोटिंग हो गई तो एक ही दिन में दो बार एक विधेयक प्रस्तुत किया गया। यह विधेयक पारित नहीं किया जा सकता है, वरना इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता।
स्टांप ड्यूटी से संबंधित विधेयक पर विपक्ष के वाकआउट के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नियम 130 के तहत सदन में चर्चा के लिए निर्धारित दो प्रस्तावों को विलोप घोषित कर दिया। विस अध्यक्ष के जाने के बाद भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने सभापति संजय रत्न के समक्ष मामला उठाया तो उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था विधानसभा अध्यक्ष ने दी है, मैं इसे बदल नहीं सकता। कोई आपत्ति है तो सोमवार को विस अध्यक्ष के समक्ष मामला उठाया जा सकता है। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
भाजपा विधायक सदन में मौजूद न होने के कारण शुक्रवार से चल रही स्वास्थ्य संबंधित चर्चा, बेसहारा योजना को समाप्त करने, हिमकेयर में फंड न होने, स्टाफ की कमी और किडनी रोगों का उपचार बंद होने और भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर, सतपाल सिंह सत्ती व रणवीर सिंह निक्का की ओर से ट्रांस्पोर्टेशन टैक्स, डीजल पर वैट व बिजली की दरों में बढ़ोतरी के कारण उद्योगों के पलायन करने की तैयारी से प्रदेश को होने वाले आर्थिक नुकसान पर चर्चा को विलोप कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा विधायकों ने चर्चा को बहाल करने की मांग की।