हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पंचायतों को एक्टिव मोड में लाया गया है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पंचायत प्रतिनिधियों को अपने-अपने इलाकों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए थे। अफसर भी फील्ड में उतार दिए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को तालमेल बैठाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद ग्रामीण विकास विभाग के अफसर हरकत में आ गए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीओ से लेकर जिलों के उपायुक्तों सहित कई अन्य अधिकारियों से कोरोना के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ने को कहा है।
कोरोना का दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्र के अधिकारियों से साफ कहा है कि 11 से 15वें वित्तायोग की खर्च न हुई धनराशि से स्वच्छ भारत अभियान के तहत पंचायत क्षेत्रों में जन भागीदारी से सैनिटाइज किया जाए। पंचायतों में कोरोना संक्रमितों और उनके परिजनों की सुध भी ली जाए। सरकार ने पंचायतों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पचीस-पचीस हजार रुपये की राशि देने का भी फैसला लिया है। पंचायतें इस राशि का दुरुपयोग न करें। खर्चे का लेखा-जोखा रखने के भी सरकार ने लिखित आदेश दिए हैं।