झूले पर बैठकर नदी पार करते विधायक दीपराज।
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हिमाचल में आज भी ऐसे गांव हैं, जहां तक पहुंचना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है। ऐसा ही एक गांव करसोग का मगाण है, जहां आज भी लोग जान जोखिम में डाल झूले पर बैठकर नदी पार कर पहुंचते हैं। मगाण गांव ग्राम पंचायत सरत्योला में आता है। शुक्रवार को इस गांव के लोगों में उस समय आशा की किरण जगी, जब करसोग के युवा विधायक दीपराज भंथल गांव में झूले पर बैठकर पहुंचे।
विधायक को देखकर स्थानीय लोग प्रसन्न होने के साथ भावुक भी हो उठे। उनका कहना था कि आज दशकों बाद कोई विधायक हमारा दर्द समझने मगाण पहुंचा। इस गांव में कोई विधायक 56 साल बाद पहुंचा। यह बात मगाण गांव के लोगों ने बताई।
मगाण के बुजुर्गों ने बताया कि वर्ष 1962 में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने इस गांव का दौरा किया था। उसके बाद वर्ष 1967 में करसोग के पूर्व विधायक स्व. मनसा राम ने मगाण का दौरा किया। लगभग 56 वर्ष बीतने पर आज पहली बार विधायक बने दीपराज भंथल ने मगाण गांव का दौरा किया।