घर से अपनी सेब की फसल नारकंडा बेचने निकले सलारिंग के देवा कृष्ण को क्या पता था कि उनके आने तक उनका सब कुछ तबाह हो गया होगा। अपने ही उनका साथ छोड़ गए होंगे।
जैसे ही देवा कृष्ण को हादसे की सूचना मिली, उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। फिर भी किसी प्रकार वह साहस जुटा कर 13 किमी का पैदल सफर कर घर पहुंचे। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पत्नी और दो साल की मासूम बेटी उनका साथ छोड़ गई थी, जबकि मां और बड़ी बेटी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। सोमवार रात करीब 11 बजे मकान पर गिरी चट्टान ने देवा कृष्ण का सबकुछ एक पल में खत्म कर लिया।
सपने में भी नहीं सोचा था कि यूं छूट जाएगा परिवार
उल्लेखनीय है कि घर पर चट्टान के गिरने से जहां पत्नी और बेटी की मौत हो गई है। वहीं मां और बड़ी बेटी को गंभीर हालत में शिमला के लिए रेफर कर दिया गया है।
हालत ऐसी है कि देवा कृष्ण की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। वहीं वह बस अब एक की दुआ है कि मां और बेटी सही सलामत घर लौट आए।
दोनों का उपचार शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसा सोमवार रात का है जब अचानक देवा कृष्ण के घर पर एक बड़ी चट्टान गिर गई और इस हादसे में उसकी पत्नी और मासूम बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसों से दहल गया पूरा किन्नौर
जिला किन्नौर दर्दनाक हादसों से दहल गया है। गत बुधवार रात को पूह से रामपुर की तरफ जा रही टाटा 407 एचपी 06-3579 के अचानक उरनी चोलिंग सड़क पर मीरू मोड़ के पास खाई में गिरने से दो लोगों को मौत हो गई थी, जबकि दूसरे दिन वीरवार को सांगला कड़छम सांगला मार्ग पर रुतरंग के पास एक निजी बस खाई में जा गिरी।
इसमें 23 लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए थे। इसमें 17 को शिमला रेफर किया गया था। अभी इस हादसों के सदमे से जिले के लोग उभर नहीं पाए थे कि सोमवार रात को सलारिंग में हुए हादसे ने किन्नौर के लोगों को फिर सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में विजयलक्ष्मी (31) और उसकी दो साल की मासूम बेटी प्रियांशी की दब कर मौत हो गई है।