जिला परिषद के चुनावों में हिमाचल के मतदाताओं ने कई बड़े नेताओं के परिवारों को नकार दिया है। कई मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों को इन चुनाव परिणामों से बड़ा झटका लगा है। जिला मंडी में पूर्व मंत्री गुलाब सिंह का बेटा, महेंद्र ठाकुर की बेटी और दामाद चुनाव हारे हैं। कुल्लू में विधायक महेश्वर सिंह के बेटे ने हिमाचल सरकार में मंत्री कर्ण सिंह के बेटे को पटखनी दी है।
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विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह के बेटे को किन्नौर में हार का सामना करना पड़ा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम शर्मा की पत्नी भी चंबा में पराजित हुई हैं। राजनेताओं में यह चुनाव स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के लिए जरूर राहत लेकर आए हैं।
इन दोनों मंत्रियों के बेटा और बेटी चुनाव जीते हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर ने तीसरी बार जिला परिषद का चुनाव जीता है। धन्यारा वार्ड में चंपा ठाकुर को 7113 मत प्राप्त हुए। 4666 मतों के अंतर से इन्होंने जीत दर्ज की।
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स्वास्थ्य मंत्री की बेटी चंपा ठाकुर ने तीसरी बार जीता जिला परिषद का चुनाव
जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार पंकज शर्मा तीसरे स्थान पर रहीं। जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद वार्ड नेरघरवासड़ा से पहली बार चुनाव जंग में उतरे पूर्व मंत्री एवं विधायक गुलाब सिंह ठाकुर के बेटे सोमेंद्र ठाकुर चुनाव हार गए। उन्हें जोगिंदरनगर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष जीवन लाल ने 30 मतों से हराया। नेरघरवासड़ा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर की गृह पंचायत भी है।
कांग्रेस के जीवन लाल को 7629 और भाजपा के सोमेंद्र ठाकुर को 7599 मत पड़े। भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया और दामाद संजीव भंडारी भी जिला परिषद का चुनाव हार गए। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के सज्याओपिपलू वार्ड से वंदना गुलेरिया दूसरी बार चुनाव मैदान में उतरी थीं।
उन्हें माकपा के भूपेंद्र सिंह ने पराजित किया। भूपेंद्र सिंह को 7754 मत, भाजपा प्रत्याशी वंदना गुलेरिया को 6006 मत तथा कांग्रेस प्रत्याशी अमर सिंह को 2256 मिले। द्रंग विधानसभा क्षेत्र के जिला परिषद बड़ीधार वार्ड से पहली बार चुनाव में उतरे भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर के दामाद संजीव भंडारी हार गए। उन्हें कांग्रेस जिला अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर ने पराजित किया। पूर्ण चंद ठाकुर को 4905 मत और संजीव भंडारी को 4440 मत मिले।
महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर सिंह ने चचेरे भाई को 2947 मतों से हराया
कुल्लू जिला परिषद के चुनाव में हिलोपा के प्रदेश अध्यक्ष महेश्वर सिंह के बेटे हितेश्वर सिंह ने एक बार फिर से रैला वार्ड से रिकार्ड जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने चचेरे भाई एवं आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह के बेटे को 2947 मतों से हराया। विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी के बेटे विक्रम सिंह को किन्नौर के जिला परिषद कल्पा वार्ड से 22 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। प्रदेश सरकार में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के बहनोई रामकिशोर द्विवेदी जिला परिषद रायपुर सहोड़ां वार्ड-10 से हार गए।
उन्हें भाजपा के पंकज सहोड़ ने हराया। चंबा में जिला परिषद की सबसे हॉट सीट बकाण वार्ड पर दोबारा कांग्रेस का कब्जा हुआ है। यहां से वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के बेटे अमित भरमौरी चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय सूरज शर्मा को 2499 मतों के अंतर से हरा दिया। अमित भरमौरी को 4844 जबकि सूरज को 2345 मत मिले।
किलोड़ वार्ड से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम शर्मा की पत्नी लीला शर्मा बड़े अंतर से चुनाव हार गई हैं। यहां से भाजपा बागी नेता ललित ठाकुर ने 5904 मत हासिल कर उन्हें चौथे नंबर पर धकेल दिया। लीला शर्मा को 1728 मतों से संतोष करना पड़ा। हमीरपुर के बणी जिप वार्ड से पूर्व विधायक मनजीत डोगरा की पत्नी अरविंद्र कौर ने जीत हासिल की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को करीब 3600 मतों से हराया।
ठंड में रात भर परिणाम का इंतजार करते रहे प्रत्याशी
जुब्बल (रोहडू)। जुब्बल कोटखाई विकास खंड के अंतर्गत 21 पंचायत समिति सदस्यों के मतों की गणना रात दिन चलती रही। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थक रातभर परिणाम का इंतजार करते रहे। जुब्बल में शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे अंतिम पंचायत समिति सदस्य का परिणाम घोषित किया गया। मतगणना का कार्य पूरी रात चलता रहा। जिस कारण चुनाव परिणाम के इंतजार में कई प्रत्याशियों सहित उनके समर्थकों ने पूरी रात मतगणना केंद्र के बाहर ही गुजारी।
जुब्बल कोटखाई विकास खंड में पंचायत समिति सदस्यों के मतों की गणना में सबसे अधिक समय लगा। हालांकि मतों की गिनती का कार्य वीरवार सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हो गया था। प्रत्याशियों को उम्मीद थी कि रात तक पंचायत समिति के सभी वार्डों के परिणामों की घोषणा हो जाएगी लेकिन वीरवार शाम तक मात्र पांच पंचायत समिति सदस्यों के परिणामों की घोषणा ही हो सकी। उसके बाद रात भर मतों की गिनती का कार्य चलता रहा।
जुब्बल के नंदपुर वार्ड पर तीन बार मतों की गिनती की गई। करीब तीन घंटे तक चली मतगणना के बाद नंदपुर वार्ड का परिणाम घोषित किया गया। शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक पंचायत समिति सदस्य की मतगणना का कार्य पूरा होने के बाद जिला परिषद के मतों की गणना शुरू की गई।
एसडीएम रोहडू यशपाल सिंह वर्मा ने बताया कि जुब्बल कोटखाई में वार्ड सबसे अधिक थे। जिस कारण मतों की गणना का कार्य भी लंबे समय तक चला। शुक्रवार दोपहर तक पंचायत समिति वार्डों के परिणाम घोषित हुए। उसके बाद ही जिला परिषद वार्डों की गिनती शुरू हुई है।
जिला परिषद और बीडीसी पर जीते भाजपा समर्थित प्रत्याशी: सत्ती
हिमाचल भाजपा ने जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों में पार्टी समर्थित प्रत्याशी की जीत का दावा किया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में प्रदेश सरकार की अराजक व्यवस्था, बैलेट पेपर चोरी, सरकारी तंत्र का सरेआम दुरुपयोग एवं दादागिरी के पश्चात भी बीडीसी और प्रधान उप प्रधान चुनाव में 70 से 75 प्रतिशत पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को विजयी हुए हैं।
भाजपा ने दावा किया कि हमीरपुर, ऊना, कुल्लू और किन्नौर में जिला परिषद पर भाजपा विजयी हुई है जबकि अन्य जिलों के परिणामों की रिपोर्ट पार्टी को आनी बाकी है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि अन्य जिलों में भी भाजपा जीत रही है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के उस दावे को खोखला एवं तथ्यहीन बताया है जिसमें कांग्रेस पार्टी ने 70 प्रतिशत विजय प्राप्त करने की बात कही है।
पार्टी प्रवक्ता गणेश दत्त ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस की सरकार पार्टी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने से डरकर भागती रही। यहां तक की नगर परिषद में भी पूर्व में जो व्यवस्था पार्टी चुनाव चिन्ह पर लड़ने की थी उसे भी समाप्त कर दिया गया एवं कांग्रेस पार्टी डर के मारे चुनाव से भागती रही, अब उनका कांग्रेस पार्टी के सदस्यों का विजय होने का दावा हास्यास्पद है। भाजपा ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ कि चुनाव प्रक्रिया में रोटेशन से लेकर, बैलेट पेपरों के चोरी होने एवं अन्य अनियमितताओं का बोलबाला रहा है।