वहीं उन्होंने कहा कि कई लोगों ने सरकारी मदद के लिए ही गो सदन में खोले हैं। लेकिन इनमें गोवंश की हालत दयनीय है। पूर्व सरकार ने इस पहलु पर कोई गौर नही किया।
लेकिन अब पशु पालन विभाग से हर हफ्ते फार्मासिस्ट, पंद्रह दिन में डॉक्टर और महीने में एक बार पशुपालन विभाग के उप निदेशक गो सदनों का निरीक्षण करेंगे। बाकायदा रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भी हर महीने दी जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही 108 की तर्ज पर पशुओं के लिए भी एंबुलेंस सुविधा शुरू की जाएगी। जिसको लागू करने के लिए सरकार रूप रेखा तैयार कर रही है। जल्द ही उक्त सेवा पशुओं के लिए शुरू कर दी जाएगी।
यह पूछे जाने पर की इस पूरे कार्यक्रम को धरातल पर लाने में कितना समय लगेगा जो मंत्री ने कहा कि एक साल के अंदर परिणाम लोगों के सामने होंगे।