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शिमला: सेब के दाम न मिलने पर गरमाई सियासत, सरकार ने फील्ड में उतारे अफसर

Thu, 26 Aug 2021 08:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/घुमारवीं(बिलासपुर)

सार

मंडियों में सेब के दाम गिरने के कारणों की जांच के लिए भारद्वाज ने एपीएमसी और मार्केटिंग बोर्ड को संबंधित स्टेक होल्डर्स से फीडबैक लेकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। भारद्वाज ने पुलिस अधीक्षक शिमला को शिमला की भट्ठाकुफर और ठियोग की पराला मंडी के भीतर और बाहर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या पेश न आए। 
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शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज
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विस्तार
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‘सेब खरीद पर संकट’ को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित खबरों के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। फसल के उचित दाम न मिलने पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जहां चुप्पी साध रखी है, वहीं मामले में मुख्यमंत्री के चिंतित होने पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने गुरुवार को सेब कारोबार से जुड़े सभी महकमों की आपात बैठक बुलाकर अफसरों को फील्ड में उतरने के कड़े निर्देश दे दिए, ताकि बागवानों की परेशानी कम हो। दाम क्यों गिर रहे हैं, इसकी भी जांच करवाकर रिपोर्ट देने को कहा।

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 उधर, इस मामले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिमला में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जबकि प्रदेश कांग्रेस शुक्रवार को मौन जुलूस निकालेगी। सेब के दाम हिमाचल प्रदेश की मंडियों में ही नहीं, बल्कि दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर की मंडियों में लुढ़के हैं। वीरवार को प्रदेश की मंडियों में 20 से 30 फीसदी कम सेब बिक्री के लिए पहुंचा। इस मामले में जयराम सरकार के कृषि और बागवानी मंत्री दोनों ने ही चुप्पी साध ली है। मंडियों को नियंत्रित करने वाले मार्केटिंग बोर्ड और एपीएमसी जहां कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर के पास हैं, वहीं उद्यान विभाग बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह के पास है।

वहीं, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज गुरुवार को एकाएक हरकत में आए। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड, एपीएमसी और स्थानीय प्रशासन की बैठकें लीं। मंडियों में दाम गिरने के कारणों की जांच के लिए भारद्वाज ने एपीएमसी और मार्केटिंग बोर्ड को संबंधित स्टेक होल्डर्स से फीडबैक लेकर रिपोर्ट देने को कहा। भारद्वाज ने पुलिस अधीक्षक शिमला को भट्ठाकुफर और ठियोग की पराला मंडी के भीतर और बाहर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि ट्रैफिक जाम न हो।

 

उन्होंने एपीएमसी को मंडियों में आढ़तियों द्वारा परदे में लगाई जा रही बोली को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। भारद्वाज ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी फीडबैक दिया जाएगा। भारद्वाज बोले कि जरूरी हुआ तो संबंधित मंत्रियों से भी वह बात करेंगे। उधर, नौजवान सभा सराज कमेटी ने एसडीएम जंजैहली के माध्यम से मुख्यमंत्री को बागवानों की समस्या को लेकर मांगपत्र सौंपा। सुरेश भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक बुला कर कॉरपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी बात की जाएगी। 

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अफसरों का तर्क, बंपर फसल के कारण गिरे रेट
सेब के रेट गिरने का कारण पूछने पर अफसरों ने तर्क दिया कि इस साल सेब की बंपर फसल है और सेब की गुणवत्ता भी सही नहीं है। खरीदारों को नुकसान हो रहा है, इसलिए दाम गिरे हैं।

हिमाचल में उच्च किस्म के सेब के मूल्य में नहीं आई है कोई गिरावट : सीएम
हिमाचल में उच्च किस्म के सेब के मूल्य में कोई गिरावट नहीं आई है, लेकिन जो सेब बारिश और ओलों से खराब हुआ है, उसके दाम में कमी आई है। एकाएक मंडियों में सेब अधिक पहुंचने से दाम कम हुए हैं। जल्द बागवानों को अच्छे दाम मिलेंगे। यह बात मुख्मंत्री जयराम ठाकुर ने घुमारवीं में कही। मुख्यमंत्री सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के बाद हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के बाद घुमारवीं होते हुए सड़क मार्ग से शिमला लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने कोल्ड स्टोर मालिकों को भी बागवानों को सेब के अच्छे दाम देने की बात की है।

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सरकार की मिलीभगत से आई सेब के दामों में गिरावट

उधर, युवा कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि सरकार की मिलीभगत से सेब के दामों में गिरावट आई है। वीरवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री की ओर से कुछ समय के लिए सेब फसल होल्ड करने को लेकर की गई अपील को शर्मनाक बताया। युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार की ओर से संपत्तियों को बेचने के खिलाफ उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजा। युवा कांग्रेस ने राजीव भवन से उपायुक्त दफ्तर तक रोष रैली भी निकाली।

नेगी निगम भंडारी ने कहा कि सेब के दामों में भारी गिरावट आई है। सरकार की निगरानी में हर चीज संभव होती है, लेकिन सरकार गूंगी और बहरी हो गई है। सरकार पूंजीपतियों के हाथों में खेल रही है। जनता को सरकार की ऐसी नीतियों के खिलाफ  आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बागबानी मंत्री रैलियों में व्यस्त हैं। उन्होंने किसी भी मंडी में जाकर व्यवस्था को नहीं जांचा। नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान कि सेब की फसल को होल्ड पर रखा जाए सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह रेत, ईंट या पत्थर का मामला नहीं है, बल्कि फल और सब्जी से जुड़ा मामला है।

सेब की फसल बागबानों की साल भर की मेहनत है। मुख्यमंत्री को इस तरह का मजाक नहीं करना चाहिए। उन्होंने कह कि मोदी सरकार का नारा देश नहीं झुकने दूंगा, देश नही बिकने दूंगा जुमला साबित हुआ है। आज देश बिक भी गया है और झुक भी गया है। अपने संसाधनों को बेच कर कोई भी देश आत्मनिर्भर नही बन सकता। कोविड काल में  गरीब लोगों का इलाज सरकारी अस्पतालों में हुआ। इन सरकारी अस्पतालों का निर्माण कांग्रेस ने 70 सालों में जनता के सहयोग से किया है, लेकिन इन्हीं सार्वजनिक उपक्रमों को मोदी सरकार संरक्षित नहीं कर पा रही है।
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