हिमाचल में छह जगहों पर उड़ान - 2 योजना शुरू होगी। सस्ती हवाई सेवाओं के लिए कंपनियों को टैक्स में छूट दी जाएगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने शिमला से सांसद वीरेंद्र कश्यप के सवाल के जवाब में लोकसभा में यह जानकारी दी है। जयंत सिन्हा ने बताया कि हिमालयी राज्यों को बेहतर हवाई सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए उड़ान - दो योजना के तहत प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तरी पूर्वी राज्यों, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप समूहों के एयरपोर्टों के अधिकतम उपयोग और स्थानीय जन समुदाय को सस्ती हवाई सेवाएं प्रदान करने के लिए वरीयता प्रदान की गई है। इस सेवा के अधिकतम उपयोग के लिए इन राज्यों के 31 हवाई अड्डों का चयन किया गया है।
इनमें हिमाचल और अरुणाचल के छह- छह, असम का एक, मणिपुर के पांच व उत्तराखंड के तेरह हवाई अड्डों का चयन किया गया है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम का प्राथमिक उद्देश्य चयनित एयरलाइंस को कुछ टैक्स सुविधाएं प्रदान करके देश के पिछड़े और सुदूर क्षेत्र के लोगों को सस्ती हवाई सेवाएं प्रदान करना है।