हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने रिसोर्स मोबलाइजेशन कैबिनेट सब कमेटी के सदस्य बनने से साफ मना कर दिया है। ऐसे में कैबिनेट की ओर से गठित सब कमेटी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़ा हो गया है।
राज्य सरकार ने बुधवार को कौल सिंह ठाकुर को हटाकर बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स को कैबिनेट सब कमेटी का चेयरमैन बना दिया था। चर्चा रही कि दिल्ली से लौटे कौल का सीधे राज्यपाल से मिलना सरकार को रास नहीं आया।
अध्यक्ष पद से हटाने के बाद कौल सिंह ठाकुर को इस कमेटी का सदस्य बनाया गया। इससे कौल काफी नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि वीरवार को कैबिनेट बैठक के बाद कौल सिंह ठाकुर ने इस मामले में मुख्यमंत्री से अपनी नाराजगी जताई थी।
कौल सिंह ने उठाए हैं ये सवाल
उनका कहना था कि सरकार का यह कदम उन्हें अपमानित करने वाला है। कमेटी का चेयरमैन उन्हें कैबिनेट ने बनाया था। कैबिनेट ही यह फैसला पलट सकती है। उन्हें हटाने में सरकार एक दिन का इंतजार भी नहीं कर सकी, जबकि अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित थी।
इस नए घटनाक्रम के बाद कैबिनेट सब कमेटी के औचित्य पर ही सवाल उठ गए हैं। वीरवार को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ही सब कमेटी के दो सदस्य परिवहन मंत्री जीएस बाली और उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आपस में भिड़ गए थे। बताया जा रहा है कि स्टोक्स के लिए ऐसे में कैबिनेट सब कमेटी की बैठक बुलाना और सदस्यों के बीच तालमेल बैठा पाना मुश्किल होगा।