प्रदेश भर की 29 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कामगारों को समय पर दिहाड़ी नहीं देने के मामले में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने अधिकारियों को तलब किया है।
मंत्री अनिल शर्मा मंगलवार को राज्य सचिवालय में अधिकारियों से इसके कारण जानेंगे। इस बैठक में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को बुलाया गया है।
मंत्री अनिल शर्मा ने सख्त रवैया अपनाते हुए पहले ही दो टूक कहा है कि इस लेटलतीफी को जिम्मेवार अधिकारियों और कर्मचारियों से रिकवरी भी की जा सकती है।
कामगारों को देय दिहाड़ी के साथ मुआवजा भी दिया जाएगा। सभी कामगारों को अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में क्लेम करना होगा। 29 ग्राम पंचायतों में पिछले वित्त वर्ष की यूपीए सरकार के समय की ही जनवरी, फरवरी और मार्च महीने की 2478 कामगारों की दिहाड़ी नहीं दी गई है।
मनरेगा एक्ट में इसे 15 दिन के भीतर देने का प्रावधान है। यह जानकारी आरटीआई से सामने आई। इसे ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से छापा गया। आज सचिवालय में जानेंगे कारण, निदेशक को भी बुलाया है।