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HP Minimum Bus Fare: हिमाचल में न्यूनतम बस किराया अब 10 रुपये, सरकार ने जारी की अधिसूचना

Sat, 19 Apr 2025 09:31 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश में न्यूनतम बस किराया अब 10 रुपये हो गया है। चौतरफा विरोध के बावजूद सरकार सरकार ने मंत्रिमंडल के न्यूनतम किराये को बढ़ाने के फैसले को लागू कर दिया है। 
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हिमाचल में न्यूनतम बस किराया बढ़ा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम बस किराया अब 10 रुपये हो गया है। चौतरफा विरोध के बावजूद सरकार ने मंत्रिमंडल के न्यूनतम किराये को बढ़ाने के फैसले को लागू कर दिया है। शनिवार को इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन कमलेश कुमार पंत की ओर से अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना के अनुसार राज्य परिवहन प्राधिकरण तथा हिमाचल प्रदेश के सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों को  हिमाचल प्रदेश राज्य में सभी स्टेज कैरिज बस सेवाओं में पहले तीन किलोमीटर के लिए पूर्व में निर्धारित पांच रुपये के स्थान पर पहले चार किलोमीटर के लिए 10 रुपये न्यूनतम किराया लिया जाएगा।

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10 रुपये न्यूनतम किराया पहले चार किलोमीटर तक लागू होगा। यानि बस में सवार होने के बाद 4 किलोमीटर सफर तय करने पर 10 रुपये किराया चुकाना होगा। इससे पहले सरकार ने 3 किलोमीटर दूरी के लिए 5 रुपये न्यूनतम किराया तय किया था।

प्रदेश सरकार ने 5 अप्रैल को मंत्रिमंडल की बैठक में न्यूनतम बस किराया 10 रुपये लागू करने का फैसला लिया था। मंत्रिमंडल के इस फैसले का विपक्षी दलों भाजपा और माकपा सहित प्रदेश के आम लोगों ने कड़ा विरोध किया था। जिसके चलते सरकार ने किराया बढ़ाने की अधिसूचना होल्ड कर दी थी। 14 दिन बाद शनिवार को सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर लगातार सरकार से किराया बढ़ाने की मांग उठा रहे थे। एचआरटीसी ने भी निदेशक मंडल की बैठक में किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा था। 

न्यूनतम बस किराया बढ़ाना आमजन विरोधी कदम:जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बसों के न्यूनतम किराये को दोगुना करने के सरकार के फैसले की निंदा करते हुए आमजन विरोधी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मध्यम और गरीब परिवार के यात्रा का एकमात्र साधन ही सरकारी और निजी क्षेत्र की बसें हैं। उनके न्यूनतम किराये में दोगना की वृद्धि करने से हर परिवार पर हर महीने कम से कम हजार रुपये से ज्यादा का बोझ आएगा। सरकार की नाकामियों की वजह से पहले ही आम आदमी का जीना मुश्किल हुआ है, ऐसे में सरकार का यह फैसला प्रदेश के गरीब और मध्यम वर्ग पर किसी आफत से कम नहीं है। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। यह फैसला हिमाचल के आम गरीब व्यक्ति के खिलाफ है। 

प्रदेश के लोगों पर डाला महंगाई का बोझ
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने न्यूनतम बस किराये में दोगुनी बढ़ोतरी को महंगाई से जूझ रही प्रदेश की जनता से अत्याचार करार दिया है। बिंदल ने कहा है कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर कांग्रेस शासित सरकार आम लोगों पर महंगाई का बोझ डाल रही है। सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
 
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नशा निवारण बोर्ड में गैर सरकारी सदस्यों किए मनोनीत
वहीं प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड में गैर सरकारी सदस्यों को मनोनीत किया है। इसमें नादाैन के सरदारी लाल, बड़सर के रुबेल ठाकुर, शाहपुर के छारी के सुशील कुमार शर्मा, अकी कल्याणपुर के रोशन लाल, कसोल बहोट के हिरापाल सिंह, ठियोग टिक्करी के संजय भारद्वाज व संजाैली की  किरण धांटा शामिल हैं। प्रधान सचिव राज्य कर एवं आबकारी देवेश कुमार ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 
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