दूध को गाड़ा करने के लिए मिला रहे हैं शरकरा, कंडाघाट की लैब में फेल पाए गए दोनों के सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। लोगों को घटिया किस्म का दूध बेचा जा रहा है। बिना कंपनी के देसी बिस्किट बेचकर अधिक मुनाफा कमाने का संचालकों ने जोर दे रखा है। कंडाघाट से सैंपल की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इसके बाद शनिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग की सह आयुक्त डॉ. विजया ने संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रिया नेगी ने दिसंबर माह में संजौली बाजार से दूध और बिस्किट के सैंपल भरे थे। सभी सैंपल को जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजा। लैब से आई रिपोर्ट में साफ हुआ है कि जो दूध का सैंपल लिए थे था वह फेल पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि दूध को गाड़ा दिखाने के लिए इसमें शरकरा मिलाया था। इसी तरह एक नामी दुकान में बिना कंपनी वाली देसी बिस्किट बेचने का मामला पकड़ा है। रिपोर्ट में साफ किया है कि इस बिस्किट के पैकेट में न तो इसमें डाली जाने वाली सामग्री की जानकारी थी और न ही एफएसएसएआई का लाइसेंस नंबर था। लिहाजा इस तरह की अन्य जानकारी न होने के बाद विभाग नियमों के तहत कार्रवाई कर रहा है।
एक लाख जुर्माने का प्रावधान
स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग के निदेशक डॉ. एनके लट्ठ ने बताया कि दूध और बिस्किट के सैंपल फेल पाए गए हैं। नियमों के तहत विभाग कार्रवाई करेगा। इसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है।