बिलासपुर की गोबिंदसागर झील में इस बार विदेशी परिंदे नहीं पहुंचे। इससे पर्यावरण प्रेमी भी चिंता में हैं। हर साल इस झील में पिनटेल, सारस, मुरैन पनकौआ, कॉमन टेल जैसी विदेशी प्रजाति के पक्षियों का डेरा होता था। वन अरण्यपाल आरएस पटियाल ने बताया कि स्थानीय जलवायु और पानी की स्थिरता न होना इसका कारण है।
ऐसे हालात में पक्षियों को भोजन की कमी खलती है, जिससे वह दूसरे पड़ावों का रुख कर रहे हैं। परिंदे न आने के चलते विभाग ने इस बार रिपोर्ट भी तैयार नहीं की। करीब पांच हजार किलोमीटर दूर साइबेरिया में जब तापमान शून्य से चालीस डिग्री नीचे चला जाता है। तो ऐसे प्रतिकूल मौसम में दुर्लभ सारस और विभिन्न प्रजातियों के बहुरंगी पक्षी भारत और एशिया में पहुंचते हैं।