मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले की दूरदराज पंचायत शाकरा में बाड़बंदी का काम कर रहे प्रवासी मजदूरों को पंचायत घर में बंद कर दिया गया है। कोरोना के चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई। लोगों को बंद करने के बाद पंचायत के लोगों ने इसकी सूचना डीसी मंडी और एसडीएम करसोग को दी। अब इनका रिकॉर्ड, नाम, पता और पहचान की जा रही है।
बताया जा रहा है कि ये लोग यूपी के रहने वाले हैं। पंचायत में यह काम करीब एक महीने पहले शुरू हो गया था। बीच में ठेकेदार की लेबर घर चली गई थी। कोरोना महामारी फैलने के बीच यह लेबर गांव आई है। सरकार की ओर से प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद गांव के लोगों ने पहले इन लोगों को काम बंद करने को कहा। लेकिन इन लोगों का कहना था कि हिमाचल में इनका कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में इन्हें पंचायत घर में रहने को कहा गया है। पंचायत उप प्रधान ललित कुमार ने कहा कि ये सभी निगरानी में हैं।
एसडीएम करसोग से मांगा जवाब
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा है कि शाकरा में बाड़बंदी का काम करने वाले यूपी के लोगों की सूचना मिली है। एसडीएम करसोग से जवाब मांगा गया है। एसडीएम करसोग सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि बाड़बंदी का काम रोक दिया है। लोगों से पूछताछ होगी।