हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला मुख्यालय के साथ लगते धमांदरी में दुकान से चोरी करते हुए चार प्रवासी बच्चे पकड़े गए हैं। चोरी की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। मामला पंचायत में पहुंचा तो बच्चों के परिजनों को चार-चार हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसी के साथ पंचायत ने परिजनों को गांव छोड़ने का फरमान भी सुनाया गया है। गांव धमांदरी में एक आटा चक्की दुकान में बार-बार नकदी चोरी हो रही थी। तंग होकर दुकानदार ने सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया। नकदी चोरी होने पर दुकानदार ने सीसीटीवी कैमरा की फुटेज जांची तो चार प्रवासी बच्चे नकदी चुराते हुए नजर आए।
ये बच्चे 12 से 15 वर्ष के हैं। दो बच्चे बाहर खड़े होकर किसी के आने की निगरानी कर रहे थे जबकि दो बच्चे अंदर जाकर नकदी चुरा रहे थे। मामला उजागर होने पर चारों बच्चों को परिजनों सहित पंचायत के समक्ष पेश किया गया। पंचायत के समक्ष बच्चों ने नकदी चुराने की बात कबूल कर ली। दुकानदार जरनैल सिंह ने करीब 20 हजार रुपये नकदी चोरी होने की बात कही है। पंचायत की ओर से परिजनों को 16 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। प्रति परिवार चार-चार हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
स्थानीय पंचायत प्रधान सुनीता देवी ने प्रवासी बच्चों के माता-पिता से बात करते हुए उन्हें गांव को छोड़ देने की बात कही। उनका पुराना रिकॉर्ड भी निकाला गया। रिकॉर्ड में पाया गया कि ये लोग पहले भी इसी तरह की चोरी करते हुए पाए गए हैं। पूर्व प्रधान द्वारा इन्हें पहले भी गांव को छोड़ देने के बारे में कहा गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक गांव को नहीं छोड़ा है। प्रधान सुनीता देवी ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि प्रवासी लोगों को किराये पर कमरे देने से पहले पुलिस थाना में इनकी वेिरफिकेशन करवाना सुनिश्चित करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना होने पर दिक्कत न हो।