हिमाचल में 100 विद्यार्थियों से कम संख्या वाले मिडल स्कूलों में फिलहाल ड्राइंग मास्टर और फिजिकल एजूकेशन टीचर (पीईटी) के रिक्त पद नहीं भरे जाएंगे। मंगलवार को भाजपा विधायकों विनोद कुमार, जवाहर ठाकुर के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि पहले हाई स्कूलों में पद भरना प्राथमिकता है। उसके बाद ही मिडल स्कूलों पर विचार किया जाएगा। भारद्वाज ने बताया कि 100 विद्यार्थियों से कम संख्या वाले मिडल स्कूलों में डीएम और पीईटी के पद नहीं भरने का केंद्र सरकार ने कानून बनाया है।
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हिमाचल सरकार इस नियम का पालन कर रही है। उन्होंने बताया कि अगर किन्हीं मिडल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 90 के आसपास होगी तो प्रदेश सरकार उपलब्ध बजट और शिक्षकों की संख्या के हिसाब से वहां भर्ती करने का विचार करेगी।
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भारद्वाज ने बताया कि कांग्रेस ने जहां अपने पांच साल के कार्यकाल में 7,131 शिक्षकों के पद भरे, वहीं भाजपा सरकार डेढ़ साल के कार्यकाल में ही 4,748 पद भर चुकी है।
भूतपूर्व सैनिक नहीं मिले तो उनके बच्चों की कर रहे भर्ती
भाजपा विधायक कर्नल इंद्र सिंह के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीजीटी भर्ती के तहत आरक्षित भूतपूर्व सैनिकों के पदों के लिए उपयुक्त लोग नहीं मिलने पर उनके बच्चों की भर्ती सरकार कर रही है। वर्तमान में उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा इन पदों की भर्ती के लिए रिकॉर्ड एकत्र कर रहे हैं।