मिड-डे मील कर्मचारी 26 दिसंबर को काम नहीं करेंगे। इस दिन बिलासपुर में मांगों को लेकर राज्य स्तरीय रैली निकालेंगे। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन इंटक के जिला प्रधान इंद्र ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर को दो हजार रुपये हर महीने दिए जा रहे हैं। इससे इनका गुजारा नहीं हो रहा है। ये पूरा दिन काम करते हैं। न तो इसको अंशकालीन का दर्जा दिया जा रहा है और न ही अन्य कर्मचारियों की तरह दैनिक भोगी बनाया गया है।
इन्हें स्कूल में खाना बनाने के लिए अलावा दूसरे काम भी करने पड़ रहे हैं। बीमारी की हालत में भी स्कूल में कार्य करना पड़ता है और अवकाश भी नहीं दिया जाता है। यह श्रम कानून का सीधा उल्लंघन है। इंद्र ठाकुर ने कहा कि 26 दिसंबर को बिलासपुर में यूनियन की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा। नौ जिलों के मिड-डे वर्कर इसमें भाग लेंगे। उन्होंने प्रदेश के सभी मिड-डे मील वर्कर से आग्रह किया है कि रैली में हिस्सा लें और सरकार तक आवाज पहुंचाएं।