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सेहत के लिए खतरनाक है एसिडिटी का मर्ज, ये हैं बचाव के आसान उपाय

Sun, 21 Aug 2016 02:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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खान-पान की बदलती आदतों से लोग एसिडिटी की चपेट में आ रहे हैं। वयस्कों को खासकर एसिडिटी का मर्ज परेशान कर रहा है। कुछ लोग एसिडिटी की शिकायत होने पर डॉक्टर के पास न जाकर केमिस्ट से दवाई खरीदकर खा लेते हैं।
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लेकिन ऐसी दवाई की एक या दो से अधिक खुराक लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है। बीपी और शूगर से ग्रसित रोगियों को तो एसिडिटी से संबंधित कोई भी दवाई मनमर्जी से नहीं लेनी चाहिए। उन्हें एसिडिटी होने पर खास तौर पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

डॉ. रवि वर्धन की मानें तो एसिडिटी का रोग सामान्य नहीं होता। इससे रोगी की पूरी पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है। जाहिर है एसिडिटी का उपचार भी बिना चिकित्सक सलाह के शुरू नहीं होगा।
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हालांकि एसिडिटी की शिकायत होने पर लोग केमिस्ट से दवाई खरीदकर खा लेते हैं, लेकिन एक या दो से अधिक बार मनमर्जी से दवाई नहीं लेनी चाहिए। इससे रोगी की पाचन प्रक्रिया को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
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मामूली एसिडिटी पर क्या करें

मामूली एसिडिटी होने पर मरीज पेंटाप्रोजोल की एक खुराक खाली पेट ले सकता है। एक से अधिक खुराक रोगी को नहीं लेनी चाहिए। इसके अलावा डाइजीन जेल 5 से 10 एमएल तक ले सकते हैं। रेजटीडीन 150 एमजी सुबह शाम ली जा सकती है। इस दवाई को अधिकतम दो दिन तक बिना डॉक्टर की सलाह के लिया जा सकता है। तीसरे दिन बिना चिकित्सकीय सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए।

एसिडिटी के लक्षण
पेट में जलन होना।
भूख न लगना।
खटे डकार आना
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बरतें ये सावधानियां

हरी सब्जियों का सेवन करें।
जंक फूड से परहेज करें।
पानी का अधिक मात्रा में सेवन करें।
साफ और पाचन योग्य भोजन करें।
बिना डॉक्टरी सलाह के दवाई न लें।

एसीडिटी की समस्या वयस्क लोगों में आम हो गई है। इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। दो या इससे अधिक दिन समस्या रहने पर तुरंत अस्पताल में उपचार करवाना चाहिए।- डॉ. अर्चना सोनी, एसएमओ हमीरपुर
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