खान-पान की बदलती आदतों से लोग एसिडिटी की चपेट में आ रहे हैं। वयस्कों को खासकर एसिडिटी का मर्ज परेशान कर रहा है। कुछ लोग एसिडिटी की शिकायत होने पर डॉक्टर के पास न जाकर केमिस्ट से दवाई खरीदकर खा लेते हैं।
लेकिन ऐसी दवाई की एक या दो से अधिक खुराक लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है। बीपी और शूगर से ग्रसित रोगियों को तो एसिडिटी से संबंधित कोई भी दवाई मनमर्जी से नहीं लेनी चाहिए। उन्हें एसिडिटी होने पर खास तौर पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
डॉ. रवि वर्धन की मानें तो एसिडिटी का रोग सामान्य नहीं होता। इससे रोगी की पूरी पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है। जाहिर है एसिडिटी का उपचार भी बिना चिकित्सक सलाह के शुरू नहीं होगा।
हालांकि एसिडिटी की शिकायत होने पर लोग केमिस्ट से दवाई खरीदकर खा लेते हैं, लेकिन एक या दो से अधिक बार मनमर्जी से दवाई नहीं लेनी चाहिए। इससे रोगी की पाचन प्रक्रिया को ज्यादा नुकसान हो सकता है।