एक्सपायरी होने की कगार पर पहुंच चुकी थीं दवाएं और वैक्सीन, आईजीएमसी प्रबंधन ने मंगवाया दवाओं का पूरा डाटा
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अप्रैल से प्रयोग में नहीं लाई गई दवाएं, डिब्बों में पड़ी हैं बंद अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से गायनी की दवाएं और वैक्सीन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में शिफ्ट की जाएंगी। इससे अब गायनी से संबंधित मरीजों को राहत मिलेगी। साथ ही लाखों रुपये की दवाएं और वैक्सीन एक्सपायरी होने से भी बच जाएंगी।
आईजीएमसी स्टोर ने केएनएच स्टोर अधिकारी से दवाओं की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में केएनएच प्रबंधन को बताना होगा कि दवाएं कब खरीदी गई थीं और किन दवाओं की एक्सपायरी तिथि नजदीक है। इसके बाद दवाओं को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू होगी। केएनएच में इन दवाओं का प्रयोग अप्रैल से नहीं हुआ है। यह दवाएं डिब्बों में बंद पड़ी थीं और एक्सपायरी होने की कगार पर पहुंच चुकी थीं। इसके अलावा कई प्रकार की ट्यूब और वैक्सीन भी डिब्बों में बंद पड़ी थीं। दूसरी ओर आईजीएमसी में दवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण गायनी मरीजों को निजी दवा दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ रही थीं। मरीजों की समस्या को देखते हुए अमर उजाला में खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद आईजीएमसी प्रशासन जागा और स्टोर अधिकारी को तुरंत दवाओं और वैक्सीन की खेप मंगवाने के निर्देश दिए गए हैं। कमला नेहरू अस्पताल में गायनी से संबंधित 170 दवाएं उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि केएनएच से गायनी ओपीडी को अप्रैल में आईजीएमसी शिफ्ट किया था। इसके बाद से केएनएच में गायनी ओपीडी नहीं लग रही है। इससे पहले केएनएच में ही गायनी मरीजों को उपचार की सुविधा मिलती थी। इस कारण केएनएच दवा स्टोर से दवाओं और वैक्सीन की खेप खरीदी जाती थी। यह दवाएं और वैक्सीन काफी महंगी भी हैं। ओपीडी शिफ्ट होने के बाद केएनएच अस्पताल प्रबंधन की ओर से दवाओं के संबंध में आईजीएमसी को पत्र लिखा था लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। ऐसे में दवाओं पर संकट पैदा हो गया था।
आईजीएमसी में दवाएं भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गायनी मरीजों को अस्पताल में आसानी से दवाएं मिल सकेंगी। स्टोर अधिकारी को स्टॉक डाटा आईजीएमसी भेजने को कहा है।
-डॉ. एसएस नेगी, चिकित्सा अधीक्षक, केएनएच शिमला