चिकित्सा अधिकारी दो घंटे की पैन डाउन हड़ताल पर चले गए हैं। मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मुलाकात की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी कई बार मांग पत्र सौंपा गया, लेकिन इन्हें सरकार की ओर से आश्वासन ही मिलता रहा है।
ठेकेदारों का मामला सुलझने के बाद अब चिकित्सा अधिकारी दो घंटे की पैन डाउन हड़ताल पर चले गए हैं। इनके हड़ताल पर जाने से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। गुरुवार को साढ़े नौ बजे यह डाक्टर मेडिकल कॉलेजों, जोनल और सिविल अस्पतालों के परिसर में अपने मांग पत्र लिए खड़े हो गए। हड़ताल के दौरान डॉक्टरों ने प्रिंसिपल और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपे। साढ़े 11 बजे के बाद ही डॉक्टर ओपीडी में मरीजों की जांच करने पहुंचे।
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डॉक्टर पंजाब की तर्ज पर मूल वेतन पर एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) की मांग कर रहे हैं। मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी मुलाकात की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी कई बार मांग पत्र सौंपा गया, लेकिन इन्हें सरकार की ओर से आश्वासन ही मिलता रहा है। अब डॉक्टर एक साथ हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि, सरकार की ओर से ओपीडी स्पेशलिस्ट डाक्टरों की तैनाती की गई, लेकिन मरीजों की संख्या के चलते यह नाकाफी रही।