खिड़कियों और गैलरी में लगे तमाम शीशे तोड़ने पड़े। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने पूरा भवन खाली करवाया। मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, टीबी वार्ड, गायनी वार्ड और चिल्ड्रन वार्ड के 78 मरीजों को दूसरे भवन में शिफ्ट किया गया। जैसे-तैसे भागकर मरीजों और तीमारदारों ने अपनी जान बचाई।
बताया जा रहा है कि जहां पर शॉर्ट सर्किट हुआ उस कमरे को एक तरह से स्टोर बनाया गया था। कई ज्वलनशील चीजें वहां रखी गई थीं। शॉर्ट सर्किट होने पर इन वस्तुओं ने आग में घी का काम किया।
सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र से दो दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया गया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जना सका। अस्पताल का अमला भी राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटा रहा।
उधर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को ऐसी घटनाएं रोकने के लिए फुलप्रूफ इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके पराशर ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
आग की वजह शॉट सर्किट था। मौसम खराब होने के दौरान बिजली चमकने के बाद अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और पूरे पैनल में आग लग गई। फायर अफसर मेहर चंद ने बताया कि आग से करीब चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।