इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग में एमसीआई की टीम ने औचक निरीक्षण किया। विभागाध्यक्ष ऑफिस में नहीं थे। इससे टीम खासी नाराज नजर आई। इधर, जब विभागाध्यक्ष पहुंचे तो टीम ने आते ही उनकी क्लास लगा दी।
उनसे पूछा गया कि आप दो पदों पर एक साथ कैसे काम कर सकते हैं? एचओडी के साथ-साथ ये कॉलेज प्राचार्य का पद भी संभाल रहे हैं। इस पर टीम ने उनसे यह सवाल किया। हालांकि, इस सवाल का एचओडी के पास कोई जवाब नहीं था।
अस्पताल के मेडिसन विभाग में एमडी की बारह सीटों की परीक्षाएं चल रही थीं। विभागाध्यक्ष से मुलाकात के बाद टीम ऑफिस लौट आई। इसके बाद कई दस्तावेजों को खंगाला गया। टीम ने एक के बाद एक फाइलें मंगवाकर डॉक्टरों के दस्तावेजों को बारीकी से जांचा। टीम विभाग के एक डॉक्टर तथा जूनियर डॉक्टरों को साथ लेकर कमरे में बैठी रही। यह सिलसिला दिन भर चलता रहा।
मेडिसन विभाग पहुंची थी एमसीआई
सोमवार सुबह एमसीआई की टीम मेडिसन विभाग में निरीक्षण के लिए पहुंची थी। टीम ने अस्पताल में डॉक्टरों के दस्तावेज को जांचा।
- डॉ. रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
निरीक्षण की खबर आते ही साफ करवाए सूचना पट्ट
अस्पताल में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की सूचना मिलने के बाद नर्सिस ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को साथ लेकर मेडिकल ओपीडी में मरीजों की सुविधा के लिए दर्शाए गए सूचना पट्ट को तुरंत साफ करवाया।
वार्ड में बाहर मरीजों का लगा रहा तांता
मेडिसन विभाग में एमडी छात्रों की परीक्षा ली गई। सभी डॉक्टर यहां छोटे- छोटे ग्रुप में मरीजों के साथ एकत्र थे। विभाग ने एग्जामिनरों को खुश करने के लिए पहले से ही तैयारी की थी। कोने में बैंच तथा कुर्सियों का भी इंतजाम किया गया था, लेकिन दूसरी ओर वार्ड के बाहर मरीजों के तीमारदारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। निरीक्षण की सूचना के बाद तीमारदारों को वार्ड से सुबह ही बाहर निकाल दिया गया था।