पर्यावरण योजना की समीक्षा बैठक में डीसी ने दिए निर्देश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा बैठक मंगलवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई। इसमें विभिन्न शहरी निकायों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया कि नगर निगम शिमला की ओर से 9 हजार किलोग्राम एकत्रित सिंगल यूज प्लास्टिक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंपा जाएगा। इसका इस्तेमाल सड़कों की टारिंग में होगा।
लोक निर्माण विभाग के ईएनसी को इस बारे पत्र लिखा जाएगा। लंबे समय से विभाग प्लास्टिक को लेने से किनारा कर रहा है जबकि नियमों के मुताबिक लोक निर्माण विभाग को सिंगल यूज प्लास्टिक लेना अनिवार्य है।
बैठक में हर सोमवार को हिमाचल प्रदेश नॉन बायोडिग्रेडेबल गारबेज एक्ट 1995 के तहत शहरी स्थानीय निकायों का निरीक्षण करना अनिवार्य करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएंगे। नगर निगम को निर्देश दिए कि शहर के भीतर और बाहर 10 स्थानों का चयन करें जहां पर लैंडफिल एरिया विकसित किया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि जिला राजस्व की प्रस्तावित बैठक में सभी एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में ठोस कूड़ा संयंत्र, कूड़ा एकत्रीकरण केंद्र, लैंड फिल साइट को लेकर विस्तृत रिपोर्ट रखेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण को लेकर जिले में शहरी स्थानीय निकायों में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी हित धारकों को एकजुट होना पड़ेगा। सभी हित धारकों को अपनी-अपनी खामियों को दूर करना होगा। विभाग संवाद प्रणाली को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सुन्नी और कोटखाई नगर परिषद सफाई व्यवस्था का बेहतरीन कार्य कर रही हैं। कहा कि जन समुदाय, एनजीओ आदि भी सफाई कार्य में अपनी सहभागिता देना चाहता है तो उन्हें भी निकाय प्रेरित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ज्योति राणा, सचिव नगर परिषद चौपाल एवं नेरवा राम कुमार वर्मा, एग्जीक्यूटिव आफिसर नगर परिषद सुन्नी हिनेश के पाल, चिकित्सा अधिकारी नगर निगम शिमला डॉ. चेतन चौहान, डॉ. वरुण शर्मा और डॉ. आकांक्षा सूद मौजूद रहीं।