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पार्किंग में ओवरचार्जिंग तो अब मोबाइल ऐप से करें शिकायत

Tue, 31 May 2016 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पार्किंगों में स्थानीय लोगों और सैलानियों से की जा रही लूट खसोट को रोकने के लिए नगर निगम मोबाइल ऐप तैयार करने जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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शिमला शहर की पार्किंगों में स्थानीय लोगों और सैलानियों से की जा रही लूट खसोट को रोकने के लिए नगर निगम मोबाइल ऐप तैयार करने जा रहा है। सोमवार को नगर निगम की मासिक बैठक में निगम आयुक्त पंकज राय ने बताया कि इसके लिए आईटी विभाग की मदद ली जा रही है।
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एक हफ्ते के भीतर मोबाइल ऐप लांच कर दिया जाएगा। शहर की पार्किंगों में लोकल पब्लिक और सैलानियों से की जा रही लूट खसोट का मुद्दा ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। निगम आयुक्त पंकज राय ने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से बाहरी क्षेत्रों से आने वाले सैलानी अपनी गाड़ियों के लिए एमसी पार्किंगों में स्पेस बुक करवा सकेंगे।

इतना ही नहीं, सैलानियों को ऐप के जरिये न सिर्फ एमसी की पार्किंगों बल्कि टूरिज्म और पीडब्ल्यूडी की पार्किंगों की भी जानकारी मिल सकेगी। जो लोग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकते उनकी सुविधा के लिए परवाणू बैरियर पर नगर निगम पर्चे के माध्यम से शिमला में पार्किंगों की स्थिति, पार्किंग रेट और शिकायत नंबर से अवगत करवा देगा।
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बैठक के दौरान छोटा शिमला से पार्षद सुरेंद्र चौहान ने एमसी की सभी पार्किंगों को कंप्यूटराइजड तरीके से इंटरलिंक करने और पुलिस और जिला प्रशासन के साथ संयुक्त तरीके से प्लानिंग करने का सुझाव दिया। इंजनघर वार्ड से पार्षद सुशांत कपरेट ने पार्किंगों के बाहर मौजूदा चार बाई चार की रेट लिस्ट के स्थान पर दस बाई दस की रेट लिस्ट लगाने का सुझाव दिया।

1500 टैक्स डिफाल्टरों का कटेगा पानी

सालों से टैक्स और फीस अदा न करने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है। - फोटो : अमर उजाला
सालों से टैक्स और फीस अदा न करने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है। सोमवार को नगर निगम के मासिक हाउस में डिफाल्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एमसी एक्ट की धारा 121 में संशोधन को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

नगर निगम डिफाल्टरों को एक मौका देने के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति का पानी का कनेक्शन काट देगा। इतना ही नहीं, भवन का नक्शा पास होने के बावजूद बिजली कनेक्शन के लिए नगर निगम की ओर से एनओसी भी नहीं दिया जाएगा।

शहर के करीब 1500 डिफाल्टरों से नगर निगम को ढाई करोड़ से अधिक टैक्स और फीस की वसूली करनी है। सोमवार को नगर निगम हाउस की अध्यक्षता निगम महापौर संजय चौहान ने की। उप महापौर टिकेंद्र पंवर और स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज भी बैठक में मौजूद रहे।

जिन्हें बिल नहीं मिले, उनके लिए बढ़ेगी जमा करने की तारीख
शहर के जिन लोगों को अभी तक प्रापर्टी टैक्स के बिल नहीं मिले हैं, उनके लिए बिल जमा करने की तारीख आगे बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। नगर निगम ने सभी उपभोक्ताओं के लिए प्रापर्टी बिल जमा करने की अंतिम तारीख आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया है।

पार्षद बोलती रह गईं, मेयर उठकर चल दिए

नगर निगम हाउस के दौरान बोलतीं पार्षद। - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम हाउस के दौरान टूटु से पार्षद निर्मला चौहान ने टूटु में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। पार्षद ने अभी अपनी बात पूरी भी नहीं की थी कि मेयर अपनी कुर्सी से उठकर चल दिए। निर्मला चौहान ने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि मेयर पार्षदों की बात को अनसुना कर रहे हैं। अकसर बैठकों में पार्षदों को पब्लिक के मुद्दे उठाने का मौका ही नहीं दिया जाता।

भंडारों और जागरणों से कमाई करेगा एमसी
शहर में भंडारे और जागरण करवाने वाले लोगों से अब नगर निगम टोकन फीस वसूलेगा। भंडारे, जागरण के अलावा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के  आयोजन के लिए लोगों को नगर निगम से लिखित अनुमति भी लेनी होगी। धार्मिक  आयोजनों के लिए नगर निगम ने 200 रुपये प्रतिदिन टोकन फीस निर्धारित की है।

टोकन फीस के एवज में नगर निगम आयोजकों को डस्टबिन उपलब्ध करवाएगा और आयोजन स्थल पर सफाई सुनिश्चित करेगा। धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था और लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल के लिए लोगों को जिला प्रशासन और पुलिस से भी परमिशन लेनी होगी।

सब्जी मंडी में चार करोड़ की लागत से बनेगी पार्किंग
अमृत योजना के तहत नगर निगम सब्जी मंडी में करीब चार करोड़ की लागत से पार्किंग बनाएगा। चार मंजिला भवन की एक मंजिल में पार्किंग बनेगी जबकि तीन मंजिला व्यवसायिक परिसर के तौर पर इस्तेमाल होंगे। अमृत योजना के लिए नगर निगम की ओर से बनाए गए प्लान में इस प्रोजेक्ट को जोड़ा गया है।
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नवजातों को कपड़े-जरूरी सामान देगा एमसी

नगर निगम हाउस के दौरान बोलतीं पार्षद। - फोटो : अमर उजाला
कमला नेहरू अस्पताल में पैदा होने वाले उन बच्चों की नगर निगम मदद करेगा जिनके अभिभावक आर्थिक रूप से कमजोर हैं। नगर निगम की सामाजिक न्याय समिति ने गरीब लोगों के नवजातों को कपड़े और जरूरी सामान की किट उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। निगम उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने बताया कि रेडक्रास की मदद से इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऐसे लोग जो आर्थिक  रूप से कमजोर हैं और बच्चों के कपड़े और अन्य जरूरी सामान का बंदोबस्त नहीं कर पाते। ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए निगम ने यह योजना बनाई है। इससे पहले जिला प्रशासन भी जरूरतमंद लोगों के लिए कपड़ों का बैंक स्थापित कर चुका है। जिला प्रशासन की पहल के बाद नगर निगम के इस प्रयास का सभी निगम पार्षदों ने टेबल थपथपा कर स्वागत किया।

इसके अलावा शिमला के स्कूली बच्चों को मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए मुफ्त रोटरी टेरेस उपलब्ध करवाने का भी हाउस में फैसला लिया गया है। सप्ताह में सिर्फ शनिवार के दिन शाम 3 से 7 बजे तक शिमला के स्कूली बच्चों को यह सुविधा मिलेगी। तीन माह बाद यही व्यवस्था लैंड मार्क होटल के पास एमसी पार्क में लागू की जाएगी।

सीवरमैन को अब 10 हजार वेतन
सैहब सोसायटी के तहत नगर निगम अब 10 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से सीवरमैनों की तैनाती करेगा। नगर निगम ने बीते दिनों 5700 प्रतिमाह की दर पर 25 सीवरमैन तैनात किए थे लेकिन अधिकतर काम छोड़ कर चले गए। अब नगर निगम ने वेतन 5700 से बढ़ा कर 10 हजार रुपये करने का फैसला किया है ताकि अधिक संख्या में लोग सेवाएं देने के लिए तैयार हो जाएं।

नगर निगम करेगा पुलिस गुमटियों का रखरखाव
शहर में पुलिस की करीब 45 गुमटियों का रखरखाव नगर निगम अपने स्तर पर करेगा। गुमटियों पर विज्ञापन भी नगर निगम की स्वीकृति से ही लगेंगे। विज्ञापन से होने वाली कमाई से गुमटियों के बिजली बिल चुकाए जाएंगे और बाकी बची आमदनी नगर निगम की होगी। गुमटियों को नगर निगम हेरिटेज लुक देगा।
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