राजधानी में नगर निगम मर्जी से गोल्फ कार्ट नहीं चला सकता। ओटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट की मान्यता के बाद ही परिवहन विभाग गोल्फ कार्ट का मॉडल अप्रूव करेगा। मॉडल अप्रूव होने के बाद ही नगर निगम को शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर गोल्फ कार्ट चलाने की अनुमति मिलेगी।
शहर की सड़कों पर गोल्फ कार्ट चलाने की नगर निगम की योजना दूर की कौड़ी साबित हो सकती है। नगर निगम ने शहर में गोल्फ कार्ट के रूट तो फाइनल कर दिए हैं लेकिन अभी तक परिवहन विभाग की ओर से इसका मॉडल अप्रूव नहीं किया गया। हिमाचल प्रदेश में परिवहन विभाग ने अभी तक बैटरी आधारित किसी भी वाहन का मॉडल अप्रूव नहीं किया है।
यह पहली बार है कि नगर निगम शिमला शहर में बैटरी आधारित वाहन चलाने जा रहा है। परिवहन विभाग की मंजूरी से पहले नगर निगम को शिमला में गोल्फ कार्ट चलाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों ओटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट की मान्यता लेनी होगी। नगर निगम की ओर से अभी तक मान्यता लेने को लेकर कोई कोशिश नहीं की गई है।