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राजधानी में पानी दस फीसदी महंगा, जानिए एमसी हाउस के बड़े निर्णय

Wed, 01 Aug 2018 12:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शहरवासियों को रोज पेयजल सप्लाई देने में नाकाम नगर निगम ने राजधानी में पानी महंगा कर दिया है। जनता को अब भले की मीटर रीडिंग पर बिल मिलेगा लेकिन इसकी दरें पहले से दस फीसदी ज्यादा होंगी।

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पानी की नई दरों के प्रस्ताव को नगर निगम के मंगलवार आयोजित विशेष हाउस में मंजूरी दी गई। हाउस की अध्यक्षता नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट ने की। एक अप्रैल से पानी का बिल 14.50 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से वसूल किया जाएगा।

पहले यह दर 13.20 रुपये प्रति किलोलीटर थी। हालांकि, निगम प्रशासन ने जो प्रस्ताव तैयार किया था, उसमें यह दर 16.50 रुपये प्रति किलोलीटर रखी थी। लेकिन पार्षदों के विरोध के बाद इसे दो रुपये घटा दिया गया।
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20 किलोलीटर यानि 20 हजार लीटर पानी के इस्तेमाल पर नगर निगम इसी दर से पानी बिल वसूलेगा। लेकिन इससे ज्यादा के इस्तेमाल पर 25 रुपये प्रति किलोलीटर के अनुसार बिल वसूली की जाएगी। 

यहां समझिए कितना बिल आएगा

नगर निगम की इन नई दरों से कम पानी इस्तेमाल करने वाले छोटे परिवारों को तो हल्का फायदा होगा। लेकिन बड़े परिवारों, किराएदार रखने वाले भवन मालिकों को ज्यादा इस्तेमाल पर बिल भी ज्यादा महंगा मिलेगा।

नगर निगम अभी तक शहरवासियों से फ्लैट बिल 13.20 रुपये प्रति किलोलीटर के अनुसार 390 रुपये मासिक वसूल रहा था। अब बिल मीटर रीडिंग के हिसाब से जारी होंगे। बिल दर 14.50 रुपये होगी। यानि 20 हजार लीटर तक पानी इस्तेमाल करने वाले का बिल 290 रुपये बनेगा।

सीवरेज सेस मिलाकर उसे बिल 390 रुपये आएगा। 10 हजार लीटर पर यह बिल 245 रुपये होगा। 30 किलोलीटर तक के उपभोक्ता को बिल 702 रुपये मिलेगा। इन्हें अभी तक 394 रुपये ही बिल जारी होता था।

मुफ्त पानी देने पर नहीं बनी  सहमति, डिप्टी मेयर अड़े

शहरवासियों को तीन हजार लीटर मुफ्त पानी देने के स्लैब पर पार्षद एकजुट नहीं दिखे। पार्षदों ने पहले तो सभी को तीन हजार लीटर पानी मुफ्त देने की मांग की।

लेकिन अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल ने कहा अभी प्रति किलोलीटर पर 102 रुपये खर्च करने के बाद निगम जनता को 14.50 रुपये प्रति किलोलीटर के अनुसार बिल ले रहा है। यानि निगम पहले ही सब्सिडी दे रहा है। ऐसे में सबको मुफ्त पानी नहीं दे सकते।

सिर्फ उन्हीं को मुफ्त पानी देंगे जो तीन हजार लीटर या इससे कम पानी इस्तेमाल करेंगे। पार्षदों ने कहा कि इससे किसी को फायदा नहीं होगा, इसे रद्द कर दो। निगम प्रशासन ने इसे रद्द कर दिया। वहीं डिप्टी मेयर राकेश शर्मा अड़ गए।

इनका कहना था कि जब सभी को मुफ्त पानी दे नहीं सकते तो स्लैब बनाया ही क्यों? कहा कि तीन हजार लीटर मुफ्त पानी देने से जनता को राहत मिलेगी और इसे लागू करना चाहिए। पूरे सदन में सिर्फ डिप्टी मेयर ही ऐसे थे जिन्हाेंने मुफ्त पानी का स्लैब रद्द करने के फैसले का विरोध किया।

विशेष सदन में महापौर  और आरती में नोंकझोंक

पेयजल व्यवस्था कंपनी के हाथों में देने को लेकर महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में हुए विशेष सदन में अधीक्षण अभियंता ने प्रेजेंटेशन दी। कहा कि कंपनी नगर निगम हर तीन माह में अपनी रिपोर्ट देगी। जनता की समस्याएं सुनने के लिए कस्टमर केयर की सुविधा मिलेगी।

इसी दौरान पार्षद आरती चौहान ने मेयर से कंपनी की कार्यप्रणाली के बारे में पूछा। मेयर ने कहा कि अधिकारी सब बता चुके हैं। पार्षद ने कहा कि आप बीओडी में निगम की प्रतिनिधि हैं, आपको कंपनी का पता होना चाहिए।

सदन में चुप रहने के बजाय मेयर को खुद भी होमवर्क करके आना चाहिए। बाकी पार्षद भी आरती के समर्थन में बोलने लगे। बाद में आयुक्त ने सबको शांत किया।

बैठक में पानी बिल का घाटा भरने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने, कंपनी से तीन माह में रिपोर्ट लेने के प्रस्ताव पारित हुए। पार्षद किरण बावा ने पेयजल संकट के दौरान लोगों पर हुए मुकदमों को वापस लेने की मांग की।

घरेलू उपभोक्ताअाें के लिए यह हैं पानी की नई दरें

पानी की मात्रा                    बिल की दर
0-20 किलोलीटर            14.50 रुपये प्रति किलोलीटर
20-30 किलोलीटर          25 रुपये प्रति किलोलीटर
30 किलोलीटर से ज्यादा      45 रुपये प्रति किलोलीटर
मेंटेनेंस चार्ज                     100 रुपये प्रतिमाह

एमसी एरिया से बाहर के उपभोक्ता
0-20 किलोलीटर                      33 रुपये प्रति किलोलीटर
20-30 किलोलीटर                    50 रुपये प्रति किलोलीटर
30 किलोलीटर से ज्यादा              70 रुपये प्रति किलोलीटर
मेंटेनेंस चार्ज                                200 रुपये प्रतिमाह

व्यावसायिक उपभोक्ता
0-20 किलोलीटर                      29 रुपये प्रति किलोलीटर
20-30 किलोलीटर                    63 रुपये प्रति किलोलीटर
30 किलोलीटर से ज्यादा              115 रुपये प्रति किलोलीटर
मेंटेनेंस चार्ज                                200 रुपये प्रतिमाह

व्यावसायिक उपभोक्ता

व्यावसायिक उपभोक्ता (होटल-रेस्टोरेंट आदि)
0-20 किलोलीटर                      80 रुपये प्रति किलोलीटर
20-30 किलोलीटर                    106 रुपये प्रति किलोलीटर
30 किलोलीटर से ज्यादा              115 रुपये प्रति किलोलीटर
मेंटेनेंस चार्ज                                200 रुपये प्रतिमाह

निर्माण कनेक्शन
भवन निर्माण कनेक्शन                115 रुपये प्रति किलोमीटर
आठ हजार लीटर से कम खपत    1060 रुपये प्रतिमाह
मेंटेनेंस चार्ज                                200 रुपये प्रतिमाह

मर्ज एरिया के हजारों लोगों को राहत, मिलेगा सस्ता पानी

शहर के मर्ज एरिया और एमसी क्षेत्र से बाहर रहने वाले हजारों उपभोक्ताओं को अब घरेलू दरों पर पानी के बिल जारी होंगे। इसके लिए नगर निगम नियमों में संशोधन करने जा रहा है। ढली पार्षद शैलेंद्र चौहान ने सवाल उठाया कि आखिर निगम क्षेत्र से बाहर के लोगों को क्यों महंगा पानी दे रहे हैं।

इन लोगों से प्रतिमाह 1100 रुपये फ्लैट बिल ले रहे हैं जो सही नहीं। मज्याठ के पार्षद दिवाकर शर्मा ने कहा कि उनके वार्डों में ज्यादातर लोगों के कामर्शियल कनेक्शन हैं।

मर्ज एरिया के चलते उन्हें घरेलू कनेक्शन नहीं मिले हैं। पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि इन लोगों को भी राहत मिलनी चाहिए। आयुक्त पंकजराय ने कहा कि इसके लिए नियमों में संशोधन करेंगे।

अभी जून तक चुकाना होगा फ्लैट रेट

जुलाई से ही नगर निगम पानी के बिल मीटर रीडिंग पर जारी कर सकता है। हालंाकि, अभी इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रीडिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।

बैठक में यह लिए हैं अहम फैसले 
-निर्माण कार्यों के लिए निगम के पानी के इस्तेमाल करने पर लगी रोक हटाई। पार्षद आनंद कौशल यह मामला उठाया।
हर साल पानी के रेट दस की बजाय पांच फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
पार्षद आरती चौहान की मांग पर पानी के कनेक्शन लेने की प्रक्रिया सरल करने के लिए प्रस्ताव लाएंगे।
मंदिर, मस्जिदों और गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यों के लिए निशुल्क टैंकर सुविधा मिलेगी

आम जनता को राहत, कर्मचारियों पर बरसा पैसा

शहर में बरसात के दौरान हो रहे नुकसान की भरपाई जल्द होगी। नगर निगम ने पार्षदों से एक हफ्ते के भीतर वार्डों में नुकसान का जायजा लेकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। पार्षद यह प्रस्ताव नगर निगम को भेजेंगे। इसके बाद इनके लिए पैसा मंजूर कर काम शुरू किया जाएगा। 
 
महापौर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में अब तक हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1.72 करोड़ के 42 कार्यों को शुरू करने को मंजूरी दी गई। कई पार्षदों ने कहा कि इसमें उनके वार्ड का नुकसान शामिल नहीं है।

इस पर आयुक्त पंकज राय ने इन्हें एक हफ्ते में प्रस्ताव भेजने को कहा। शहर में अब तक चार करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। मासिक बैठक में निगम के करीब 1700 कर्मचारियों को तीन फीसदी महंगाई भत्ता देने को भी मंजूरी दी गई।

इसमें 680 पेंशनर्स शामिल हैं जिन्हें एक जुलाई 2017 से महंगाई भत्ता और इसका एरियर मिलेगा। इसके लिए निगम पर करीब 43 लाख का वित्तीय बोझ पड़ेगा। सदन में चाभा पेयजल परियोजना को एनओसी देने, दो नई गाड़ियां खरीदने, भराड़ी में 15 और मेफील्ड में 14 लाख से पार्क बनाने का भी फैसला लिया। 

मेयर-पार्षदों का मानदेय बढ़ा

निगम की सभी पार्किंग अब ठेकेदार चलाएंगे। मेट्रोपोल समेत शहरभर में निगम की जिन पार्किंगों के टेंडर रद्द हो रहे हैं, उनमें अब आयुक्त दो आवेदन आने पर भी पार्किंग को ठेकेदार को सौंप सकेंगे। पार्षदों ने आयुक्त को इसके लिए अधिकृत किया है।
 
नगर निगम सदन में मेयर-डिप्टी मेयर समेत पार्षदों का मानदेय बढ़ाने को मंजूरी दी गई। मेयर को अब आठ की जगह 11 हजार, डिप्टी मेयर को छह की बजाय आठ हजार तथा पार्षदों को चार की बजाय पांच हजार मानदेय मिलेगा।

यह मानदेय एक अप्रैल से लागू होगा। पेयजल व्यवस्था के लिए गठित कंपनी को वर्तमान में अम्रुत के तहत चल रहे प्रोजेक्ट सौंपने को भी मंजूरी दी। इसके अलावा संयुक्त आयुक्त को पांच और अधिशासी अभियंता को तीन लाख तक की वित्तीय शक्ति देने पर प्रस्ताव लाने को मंजूरी दी है। 
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सदन में यह लिए फैसले

- 43 लाख से सांगटी में सीवरेज लाइन बिछाने को मंजूरी।
- डिप्टी मेयर को गाड़ी देने के लिए एमसी नियमों में होगा संशोधन।
- 34 लाख से बनेगा अश्वनी पाइपलाइन के लिए आरसीसी ब्रिज।
- 34 लाख से टुटू, मज्याठ में रास्ते पक्के करने को मंजूरी।
-12.64 लाख से पक्का होगा शिशु शिक्षा निकेतन रास्ता।
-जाखू में 54 लाख से बनेगा पांच लाख लीटर का पेयजल टैंक।
-18.72 लाख से पक्की होगी संजौली-रिज सड़क
-क्रेगनैनो-ढली सड़क की मरम्मत को 40 लाख लोनिवि को देंगे।
-एक करोड़ से अपग्रेड होंगे संजौली, मल्याणा के एसटीपी।
-सेहब के ईएसआई के लिए दस लाख देने को स्वीकृति।
-सीटीओ से एसबीआई भवन तक पाइपलाइन बदलने को 27 लाख।
-छोटा शिमला निगम वाचनालय में होगी परिचर की नियुक्ति
-नालदेहरा गोल्फ कोर्स को सदस्यता देने की शर्त पर दी एनओसी।
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