नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ेगा। सैहब सोसायटी के सफाई कर्मचारियों ने मांगों पर कोई निर्णय न हो पाने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। सोमवार को नगर निगम ने एजीएम रखी थी।
इसमें न तो शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा पहुंचे और न ही पार्षद। कोरम अधूरा रहने के कारण एजीएम को रद्द करना पड़ा। इस कारण सैहब सोसायटी के सफाई कर्मचारियों की मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।
उधर सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि सफाई कर्मी मंगलवार से डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन नहीं करेंगे। नगर निगम की लापरवाही इतनी कि डिप्टी मेयर भी पौने बारह बजे पहुंचे।
बैठक खत्म होने के बाद नगर निगम के पार्षद और अफसर निसंकोच पब्लिक के पैसों से बचत भवन में लंच कर अपने-अपने रास्ते चलते बने। एजीएम में शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज और कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने शिरकत की। कोरम पूरा न होने के कारण मेयर कुसुम सदरेट ने 15 मिनट के लिए हाउस की कार्यवाही स्थगित कर दी।
इसके बाद जब कार्यवाही शुरू हुई तब भी सोसायटी के दो तिहाई सदस्य मौजूद न होने के कारण दोपहर बारह बजे बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक के दौरान निगम के पार्षदों ने ही निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। पार्षद मीरा शर्मा ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन की लापरवाही से बैठक स्थगित हुई है।
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा से सैहब सोसायटी की एजीएम के लिए दोबारा समय मांगा जाएगा। समय मिलते ही दोबारा बैठक बुलाई जाएगी। - कुसुम सदरेट, मेयर नगर निगम शिमला
पार्षद सिमी नंदा, शैली शर्मा और सुषमा कुठियाला ने बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए मेयर और कमिश्नर से अनुपस्थित पार्षदों को फोन कर बैठक में बुलाने का आग्रह किया।
पार्षदों का कहना था कि बैठक में सैहब सोसायटी के अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है, इसलिए बैठक को स्थगित नहीं किया जाना चाहिए। पार्षद किरण बावा ने कहा कि बैठक में न आने वालों को नोटिस जारी किए जाने चाहिए।