नगर निगम शिमला की मासिक बैठक वीरवार दोपहर दो बजे से शुरू हो जाएगी। इस बार की बैठक में शहर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इनमें सबसे पहले नगर निगम के नियमों को तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा की जएगी।
जून माह में पार्षदों के विरोध के चलते यह प्रस्ताव टल गया था। विरोध बढ़ने के बाद कार्यवाहक महापौर टिकेंद्र पंवर ने पार्षदों को एक माह तक इस मामले पर मंथन करने का मौका दिया था। वीरवार को निगम सदन में दोबारा से नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को लाया जाएगा।
संभावित है कि वीरवार को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हो जाएगा। नए नियमों के तहत नगर निगम ने अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की गई है। पुराने नियमों में फेरबदल करते हुए अब अवैध निर्माण के दोषी व्यक्ति को तीन माह तक की कैद की सजा हो सकती है।
इसके अलावा जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई है। जुर्माना दस हजार रुपये से लेकर रोजाना एक हजार रुपये तय किया है। इसके अलावा नगर निगम की पानी की मुख्य लाइन से अवैध तौर पर कनेक्शन जोड़ने वालों पर ही अब दस हजार रुपये का जुर्माना होगा।
इन पर भी रहेगी नजर
राजधानी के लिए कौन सी पेयजल योजना बेहतर है, इसको लेकर वीरवार को नगर निगम सदन में चर्चा होगी। छोटा शिमला वार्ड के पार्षद सुरेंद्र चौहान ने प्रस्ताव लगाकर पब्बर योजना को कोल डैम से बेहतर बताया है।
सुरेंद्र चौहान का कहना है कि शिमला के लिए पानी ग्रेवटी के माध्यम से पब्बर नदी से लाया जाना अधिक उचित होगा। शिमला के लिए पानी की जो स्कीमें चल रही हैं वह सभी पंपिंग द्वारा चलाई जा रही हैं। इस पर भारी बिजली खर्च, पंपों का खर्च उठाना पड़ रहा है।
इसके अलावा शहर में सड़कों के मरम्मत कार्य, बारिश से हो रहे नुकसान से निपटने के उपायों और ऑफिस शिफ्टिंग को लेकर भी चर्चा की जानी है।