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MC के फैसले: मोबाइल ऐप से लेंगे ग्रीन फीस, पानी बिलों पर भी फैसला

Fri, 01 Jul 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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वीरवार को नगर निगम के मासिक हाउस में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। - फोटो : अमर उजाला
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हिल्सक्वीन शिमला में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से नगर निगम अब मोबाइल ऐप के जरिये ग्रीन फीस वसूलेगा। शिमला आने वाली मुख्य सड़कों पर बैरियर स्थापित करने में पेश आ रही समस्या के चलते नगर निगम ने यह फैसला लिया है।
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वीरवार को नगर निगम के मासिक हाउस में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने की। आयुक्त की अनुपस्थिति में सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने बैठक की कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

नगर निगम ने ग्रीन फीस वसूली के लिए कच्ची घाटी के पास बैरियर स्थापित करने की योजना बनाई थी। लेकिन स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। निगम आयुक्त की अध्यक्षता में नगर निगम ने पर्यटन विभाग, सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग और निजी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ इसे लेकर चर्चा की।
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बैठक में मोबाइल ऐप के जरिये ग्रीन फीस वसूलने को लेकर चर्चा की गई। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए वीरवार को निगम सदन की अनुमति के लिए प्रस्ताव लाया गया। शहर के एक बैंक ने इस योजना के लिए निशुल्क ऐप बनाने का प्रस्ताव दिया है।

यह होंगी ग्रीन फीस की दरें, स्‍थानीय लोगों को राहत

शिमला शहर के स्थानीय निवासियों के पास अगर बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं तो उन्हें ग्रीन फीस नहीं चुकानी होगी। - फोटो : अमर उजाला
यह होंगी ग्रीन फीस की दरें
छोटे वाहन        200
बड़े वाहन        300

क्या होगा फायदा
1. पेश नहीं आएगी ट्रैफिक की समस्या
2. ऐप की मदद से होगी कैश लेस मैनेजमेंट
3. एमआईएस के जरिये वाहन की ट्रेकिंग भी संभव
4. एमसी के पास रहेगा टूरिस्टों के मोबाइल नंबर का डाटा
5. ब्लक मेसेज के जरिये एमसी टूरिस्टों से कर सकेगा संवाद

लोकल लोगों की बाहरी नंबर की गाड़ियों पर नहीं लगेगी फीस
शिमला शहर के स्थानीय निवासियों के पास अगर बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं तो उन्हें ग्रीन फीस नहीं चुकानी होगी। ऐसे लोग अपने वार्ड के पार्षद से प्रमाणपत्र लेकर स्पेशल परमिट प्राप्त कर सकेंगे।

ग्रीन फीस जमा नहीं की तो 5000 जुर्माना

बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की ग्रीन फीस जमा करने की इलेक्ट्रानिक रसीद जांचने के लिए नगर निगम टास्कफोर्स गठित करेगा। निरीक्षण के दौरान यदि कोई बिना रसीद के पकड़े जाता है तो उसे 5000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

होटल, पार्किंग और क्योसिक पर भी जमा होगी ग्रीन फीस
बाहरी क्षेत्रों से शिमला आने वाले लोग शहर के होटलों, पार्किंग और क्योसिक पर भी ग्रीन फीस जमा कर सकेंगे। शहर की पार्किंगों और होटलों में ग्रीन फीस की इलेक्ट्रानिक रसीद दिखानी होगी। अगर सैलानियों ने ऐप के जरिये आनलाइन ग्रीन फीस जमा नहीं की है तो पार्किंग और होटलों में ग्रीन फीस जमा होगी। मालरोड पर ग्रीन फीस जमा करने के लिए क्योसिक भी स्थापित किया जाएगा।

‘जिन्हें इलेक्शन नहीं लड़ना उन्हें नहीं पड़ता फर्क’
ग्रीन फीस को लेकर डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर की ओर से स्पृष्टीकरण देने के बाद स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘जिन्हें अब शिमला में इलेक्शन नहीं लड़ना उन्हें ऐसे प्रस्तावों से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन जिसे चुनाव लड़ना है वह इसका विरोध करेंगे।’ विधायक ने नगर निगम प्रशासन को ग्रीन फीस वसूली को लेकर पार्षदाें की राय से विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
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मीटर रीडिंग पर पानी के बिल जारी करने की योजना

नगर निगम जल्द ही पानी के व्यवसायिक उपभोक्ताओं के साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी मीटर रीडिंग पर बिल जारी करेगा। वीरवार को हाउस के दौरान इसे लेकर विस्तृत विचार विमर्श हुआ। हालांकि चर्चा के बाद कोई फैसला नहीं हो सका।

निगम ने जुलाई माह के हाउस में इसे लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट लाने का फैसला लिया है। पार्षद अनूप वैद्य ने घरेलू उपभोक्ताओं से बतौर पानी बिल फ्लैट 375 रुपये की वसूली तुरंत बंद करने की मांग उठाई। पार्षद शशि शेखर चिन्नू ने इसे लेकर कमेटी गठित करने का सुझाव दिया।

इसके अतिरिक्त पानी की मीटर रीड़िंग पर सप्लाई के लिए मीटर रीडरों की तैनाती को लेकर भी विचार विमर्श किया गया। उप महापौर टिकेंद्र पंवर ने अगले हाउस में विस्तृत प्रस्ताव लाने और इस पर अंतिम फैसला लेने की बात कही।

फ्लैट आवंटन पर भड़के पार्षद सुशांत कपरेट
आशियाना परियोजना के तहत मकानों के आवंटन के लिए चयनित पात्र लोगों की सूची सदन के सामने न रखने को लेकर इंजनघर वार्ड से पार्षद सुशांत कपरेट ने कड़ी आपत्ति जताई। कपरेट ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षद उनके वार्ड के लोगों के लिए जवाबदेह हैं।

पार्षदों को पात्र लोगों की सूची नहीं दिखाई जा रही। नगर निगम की लापरवाही के कारण संजौली के लोगों को गाड़ियां खड़ी करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही और रोजाना चालान हो रहे हैं।

 
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