दौरे के लिए पैसों का किया जा रहा जुगाड़, पार्षदों ने दौरे पर जाने के लिए भरी हामी
शिमला। नगर निगम के पार्षद अब जल्द ही सिक्किम के दौरे पर रवाना हो सकते हैं। कोरोना के कारण बीते एक साल से टुअर से वंचित रहे पार्षदों के लिए मार्च-अप्रैल में एक टुअर प्लान किया जा रहा है।
अभी सिक्किम जाने का प्लान फाइनल हुआ है। हालांकि, कौन से फंड से यह दौरा किया जाए, इसको लेकर मंथन चल रहा है। निगम सूत्रों के अनुसार पहले यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट के माध्यम से यह दौरा स्पॉंसर करवाने की तैयारी थी। लेकिन इस प्रोजेक्ट के खत्म होने के चलते दौरे के लिए अब फंड नहीं मिल पाएगा। ऐसे में अब कुछ पार्षद अम्रुत मिशन या सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत दौरे के लिए पैसा जुटाने के जुगाड़ में लगे हैं। यदि इनसे भी फंड नहीं मिलता है तो नगर निगम फंड से यह दौरा प्लान किया जा सकता है।
ज्यादातर पार्षदों ने दौरे पर जाने के लिए हामी भी भर दी है। मार्च के अंत या अप्रैल के पहले हफ्ते में यह दौरा हो सकता है। कुछ पार्षद प्रशासन पर दबाव बनाकर जल्द दौरा तय करवाना चाहते हैं। इसीलिए लगातार निगम दफ्तर के चक्कर भी काट रहे हैं। प्रशासन तय कर रहा है कि किस विषय पर पार्षदों का यह दौरा करवाया जाए ताकि शहर को भी इसका फायदा मिल सके। पार्षदों के दौरे पर 10 से 15 लाख रुपये खर्च हो सकते हैं।
आखिरी बार पोर्ट ब्लेयर का किया था दौरा
सैर सपाटे के लिए चर्चा में रहने वाले पार्षदों ने बीते साल की शुरुआत में पोर्ट ब्लेयर और अंडमान निकोबार का दौरा किया था। इसके बाद लॉकडाउन लग गया जिससे पूरा साल पार्षद किसी शहर के दौरे पर नहीं जा सके। अब तक तीन साल में निगम के पार्षद आधा दर्जन से अधिक दौरे कर चुके हैं। स्टडी टुअर के नाम पर होने वाले इन दौरों से शहर को अब तक कोई फायदा नहीं हुआ है। लाखों रुपये फूंकने के बावजूद पार्षद शहर के लिए ऐसी कोई योजना नहीं दे पाए हैं जिससे जनता को फायदा हो।