साढ़े 12 हजार करदाताओं में करीब दो हजार सरकारी विभागों के अकाउंट हैं। परुडा कंपनी से सर्वे का रिकार्ड नहीं मिलने से नगर निगम ने अभी पुराने रिकार्ड वाले भवन मालिकों को ही बिल जारी करने का फैसला लिया है।
शेष भवन मालिकों को सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद बिल भेजे जाएंगे। राजपत्र में जारी अधिसूचना में कहा है कि बिल जारी होने के 15 दिन के भीतर शुल्क चुकाने वालों को कुल बिल का दस प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा।
पोस्ट के माध्यम से भेजे जाने वाले प्रापर्टी टैक्स के बिलों के मामले में छूट लेने के लिए 18 दिन दिए जाएंगे।
लेट हुए तो चुकाना पड़ेगा जुर्माना
निर्धारित तिथि तक टैक्स जमा नहीं करने पर कुल बिल का एक प्रतिशत के हिसाब से प्रतिमाह जुर्माना चुकाना होगा।
एमसी का कर्मी आएगा बिल देने प्रापर्टी टैक्स के बिल भवन मालिकों को घर पर दिए जाएंगे।
बिल देने के लिए एमसी कर्मी को भेजा जाएगा। कोई भवन मालिक बिल लेने से इंकार करेगा तो दो गवाहों की मौजूदगी में बिल को भवन मालिक के घर के बाहर चस्पां किया जाएगा।
चार फैक्टर तय करेंगे आपके मकान का टैक्स
यूनिट एरिया मेथड के तहत प्रापर्टी टैक्स की गणना चार फैक्टर के आधार पर होगी। भवन के एरिया को स्ट्रक्चरल, ऐज, आक्यूपेंसी और यूज फैक्टर से गुणा किया जाएगा।
सभी फैक्टर की अलग वैल्यू
सभी फैक्टर की अलग-अलग वैल्यू दी गई है। शहर को दो जोन में बांटा गया है। गुणा करने के बाद आने वाली संख्या को जोन की वैल्यू से गुणा कर प्रापर्टी टैक्स निकलेगा।
ए और बी जोन में बांटा शहर
यूनिट एरिया मेथड के तहत राजधानी को दो जोन ए और बी में बांटा गया है। नगर निगम के पुराने क्षेत्र को जोन ए और मर्ज एरिया वार्डों को जोन बी में रखा गया है। जोन ए में रेट 15 प्रतिशत और जोन बी में रेट 10 प्रतिशत के हिसाब से लगेगा।